प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद की कार्यवाही में व्यवधान के लिए अध्यक्ष सोनिया गांधी और उपाध्यक्ष राहुल गांधी पर आरोप लगाया। वह असम के मोरान में एक जनसभा को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि ये लोग लोकसभा चुनाव में मिली करारी हार का बदला लेने के लिए ऐसा कर रहे हैं। वे गरीबों को फायदा पहुंचाने वाले बिलों को पारित होने से रोक रहे हैं। इस साल राज्य में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले चाय बागान मजदूरों को संबोधित करते हुए मोदी ने आरोप लगाया कि एक परिवार नकारात्मक राजनीति में जुटा है।
उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस के अलावा विपक्षी दलों में ऐसे कई नेता हैं जो उनका (मोदी का) विरोध करते हैं लेकिन चाहते हैं कि संसद चले, लेकिन एक परिवार अपनी जिद पर अड़ा हुआ है और वह राज्यसभा में कामकाज नहीं होने दे रहा है। उन्होंने कहा कि जो लोग 2014 के चुनाव में 400 से 40 सीटों पर सिमट गए उन्होंने तय किया है वे मोदी को काम नहीं करने देंगे। उन्होंने बाधाएं और दिक्कतें पैदा करने का फैसला किया है।
एक जनसभा में कांग्रेस की ओर स्पष्ट इशारा करते हुए मोदी ने कहा कि उन्होंने तय किया है कि वे जनता, गरीब मजदूरों से कांग्रेस को सत्ता से बाहर करने का बदला लेंगे। पिछले दो सत्रों से संसद का कामकाज सुचारु नहीं चल रहा है, जिस कारण मोदी सरकार जीएसटी सहित कई अहम सुधारों की गाड़ी नहीं बढ़ा पाई है।
मोदी ने कहा कि नकारात्मक और बाधा पैदा करने वाली राजनीति से देश का भला नहीं होने वाला। केवल एक परिवार की सोच ऐसी है। अन्य दलों के नेताओं की सोच ऐसी नहीं है। जनसभा में मोदी ने असमी स्वाभिमान का मुद्दा उठाते हुए अगले चुनाव में लोगों से भाजपा को मौका देने की अपील की।