देश को दहला देने वाले दिल्ली गैंगरेप के मामले में एक नया मोड़ आ गया है। इस मामले में एक और आरोपी विनय शर्मा ने दावा किया है कि वह भी नाबालिग है, इसलिए उस पर जूवेनाइल ऐक्ट के तहत कार्रवाई हो।
सोमवार को फास्ट ट्रैक कोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान मामले में आरोपी विनय शर्मा के वकील एपी सिंह ने दावा कि विनय की उम्र 18 साल से कम है, इसलिए उस का मामला जूवेनाइल जस्टिस बोर्ड में भेजा जाए। आरोपी विनय शर्मा ने कोर्ट में न्यायाधीश के समक्ष अपनी असली उम्र का पता लगवाने के लिए बोन टेस्ट के लिए आवेदन दिया है। कोर्ट इस मामले पर 24 जनवरी को सुनवाई कर सकता है।
गौरतलब है कि पुलिस ने विनय शर्मा की उम्र 20 साल दर्ज की है। विनय शर्मा ने मजिस्ट्रेट कोर्ट में पहचान परेड में जाने से भी इंकार कर दिया था। आरोपी के वकील एपी सिंह ने कहा कि इससे पहले विनय शर्मा ने पुलिस के दबाव में बयान दिया था और उस वक्त इसके पास कोई वकील भी नहीं था। उन्होंने बताया कि शैक्षिक प्रमाण-पत्रों में विनय शर्मा की जन्म तिथि मार्च 1994 दर्ज है।
एपी सिंह के मुताबिक आरोपी की मां ने इस उम्र को गलत बताया है। आरोपी की मां ने कहा कि स्कूल वालों ने अपने आप एक साल बढ़ाकर इस उम्र को लिखा था। आरोपी के वकील ने कहा कि विनय शर्मा की असली जन्म तिथि एक मार्च 1995 है। गैंगरेप के मामले में उसकी उम्र 18 साल से कम है। इसलिए कोर्ट से आग्रह किया गया है कि आरोपी की असली उम्र का पता लगवाने के लिए बोन टेस्ट करवाया जाए।