सुप्रीम कोर्ट ने चलती बस में गैंगरेप मामले के छह आरोपियों में से एक की उस याचिका पर मंगलवार को सुनवाई करने को कहा है, जिसमें मामले की सुनवाई दिल्ली से बाहर कराने का आग्रह किया गया है। आरोपी मथुरा में मामले की सुनवाई चाहता है।
चीफ जस्टिस अल्तमस कबीर की अध्यक्षता वाली पीठ ने सुनवाई के लिए एक याचिका को सूचीबद्ध करने की अनुमति दी है। आरोपियों में से एक मुकेश के वकील ने इस आधार पर तत्काल सुनवाई का आग्रह किया था कि आरोपी के खिलाफ सशक्त जनभावना के चलते दिल्ली में स्वतंत्र एवं निष्पक्ष सुनवाई संभव नहीं है।
हत्या, सामूहिक दुष्कर्म और अप्राकृतिक अपराधों के लिए आरोपित मुकेश ने अपनी याचिका में कहा है कि नियमित आंदोलन के मद्देनजर पुलिस और न्यायिक अधिकारी आंदोलनकारियों की मांगों के अनुसार आदेश पारित करने के लिए दबाव में हैं।
याचिका में कहा गया है कि दिल्ली में निष्पक्ष सुनवाई नहीं हो सकती क्योंकि हर घर के सदस्य की भावना आरोपियों के विपरीत है और यहां तक कि न्यायिक अधिकारी भी उससे बचे नहीं है।
इन हालात में आरोपियों के खिलाफ ट्रायल चलाया जाना सही नहीं होगा। यह मामला फास्ट ट्रैक कोर्ट को सौंपा गया है जहां आज से रोजाना के आधार पर मुकदमे की कार्यवाही शुरू होगी।
याचिका के मुताबिक मीडिया रिपोर्टों और आंदोलनों के चलते और राजनीतिक भावनाओं एवं मुख्यमंत्री व तमाम कैबिनेट मंत्रियों की ओर से निजी रुचि दिखाए जाने से न्यायपालिका याचिकाकर्ता के खिलाफ काम करने के लिए दबाव में है। आरोपी ने मामला उत्तर प्रदेश के मथुरा में स्थानांतरित किए जाने की मांग की है।
इस मामले में छह आरोपी हैं, उनमें से एक अवयस्क है। सभी आरोपियों ने 16 दिसंबर को चलती बस में 23 वर्षीय पैरामेडिकल छात्रा के साथ दुष्कर्म किया था। युवती की 29 दिसंबर को सिंगापुर के एक अस्पताल में मौत हो गई थी।