संसद पर आतंकी हमले के दोषी अफजल गुरू को फांसी देने पर सवाल उठाने वाले जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला अब भाजपा के निशाने पर आ गए हैं। उमर पर बिफरी भाजपा ने आरोप लगाया कि अफजल के प्रति हमदर्दी दिखाकर मुख्यमंत्री वास्तव में अलगाववादियों की भाषा बोल रहे हैं और राज्य के हालात बिगाड़ रहे हैं। पार्टी ने कहा कि मुख्यमंत्री को अपने इस रुख पर पुनर्विचार करना चाहिए।
इधर, राजीव गांधी और बेअंत सिंह की हत्या के दोषियों को मिली फांसी की सजा पर खामोशी ओढ़ने पर उठ रहे सवाल पर भाजपा ने सफाई देते हुए कहा कि उसके लिए आतंकवाद सिर्फ आतंकवाद है और इन मामलों में भी वही सलूक किया जाना चाहिए जो अफजल मामले में किया गया।
पार्टी प्रवक्ता प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि राजीव गांधी के हत्यारों को लेकर पहले प्रियंका गांधी से पूछा जाना चाहिए, क्योंकि वही इन दोषियों से मिली थीं। बहरहाल, भाजपा ने उमर के रुख की निंदा करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री का यह कहना गलत है कि राज्य के युवा अफजल से प्रेरणा लेते हैं। जावड़ेकर ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के युवा आईएएस परीक्षा टॉप करने वाले शाह फजल व क्रिकेट खिलाड़ी से प्रेरणा लेते हैं।
जावड़ेकर ने कहा कि उमर ने मीडिया से बातचीत में अफजल से संवेदना जताई है। उन्होंने अफजल को 43 साल का युवक बताया है, लेकिन मुख्यमंत्री को यह याद रखना चाहिए कि संसद पर हुए हमले के दौरान मारे गए नौ लोगों में से छह अफजल से कम उम्र के थे।
भाजपा ने कांग्रेस को भी कठघरे में खड़ा करते हुए कहा कि उसे उमर के इस रुख के बाद साफ करना चाहिए कि जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री यूपीए के घटक हैं कि नहीं। गौरतलब है कि उमर ने एक इंटरव्यू में अफजल को फांसी देने के तरीके पर सवाल उठाते हुए इसे एक त्रासदी बताया था। इसके बाद भाजपा ने उनके खिलाफ मोर्चा खोला है।