अनुच्छेद 370 पर छिड़े घमासान के बीच मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने स्पष्ट कर दिया कि भाजपा जम्मू कश्मीर के विशेष दर्जे को नहीं हटा सकती। इसके लिए नये सिरे से राज्य की संविधान सभा का गठन करना होगा।
राज्य की संविधान सभा ने 1957 में जम्मू कश्मीर के देश से विलय को मंजूर किया था।
मंगलवार को सत्ताधारी नेशनल कान्फ्रेंस के कोर ग्रुप की बैठक के बाद श्रीनगर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान आरएसएस के प्रवक्ता राम माधव के ट्वीट और केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ जितेंद्र सिंह द्वारा अनुच्छेद 370 पर इख्तियार किए गए रुख पर उमर ने प्रतिक्रिया दी।
'370 मसले को लेकर अवाम के बीच जाएंगे'
उमर अब्दुल्ला ने कहा कि नेशनल कान्फ्रेंस इस मसले को अवाम के बीच भी लेकर जाएगी। उन्होंने कहा कि देश में अनुच्छेद 370 और स्टेट सब्जेक्ट कानून को लेकर भ्रम पैदा किया जा रहा है। इससे सिर्फ रियासती अवाम और देश के बीच दूरी बढ़ेगी। वह भाजपा की सियासी मजबूरी समझते हैं। बेहतर होगा कि पहले भाजपा अन्य वादों को पूरा करने की कोशिश करे।
बकौल मुख्यमंत्री जम्मू कश्मीर में संपत्ति खरीदने के लिए अनुच्छेद 370 का कोई लेना-देना नहीं। इस अनुच्छेद के लागू होने से पूर्व ही रियासत के डोगरा महाराजा ने पंजाबियों द्वारा जम्मू कश्मीर में संपत्ति खरीदने की प्रक्रिया पर रोक लगाने के लिए स्टेट सब्जेक्ट कानून (राज्य की स्थायी नागरिकता संबंधी प्रमाण पत्र) बनाया था।
उन्होंने भाजपा के आरोपों को भी खारिज करते हुए कहा कि राज्य के विकास में स्टेट सब्जेक्ट कानून कभी आड़े नहीं आया। उन्होंने कहा कि अगर जम्मू कश्मीर विकास के मामले में पीछे रहा है कि तो उसकी वजह 1989 से पनपा आतंकवाद था। उससे पूर्व रियासत में हर जगह उद्योग स्थापित हो रहे थे, उस समय किसी ने स्टेट सब्जेक्ट कानून का सवाल नहीं उठाया था।
'370 में संशोधन अथवा इसे हटाना असंभव'
प्रदेश कांग्रेस ने भी अनुच्छेद 370 हटाने संबंधी भाजपा के स्वतंत्र प्रभारी के केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह के बयान पर अपना रुख साफ कर दिया।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और सांसद प्रो. सैफुद्दीन सोज ने कहा कि अनुच्छेद 370 देश के संविधान का अभिन्न अंग है। इसमें संशोधन अथवा इसे हटाना असंभव है। जब तक जम्मू कश्मीर के लोग नहीं चाहे। इस पर बहस शुरू करने की बात कर भाजपा बुनियादी गलती कर रही है।
उन्होंने कहा कि अगर यह संभव होता तो पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी अनुच्छेद 370 को हटा चुके होते। असल यह एजेंडा आरएसएस का है। लिहाजा इस एजेंडा का पूरा होना सिर्फ सपना ही रहेगा।