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सोनिया की इफ्तार पार्टी से पुराने दोस्त गायब, नए ने बढ़ाई रौनक

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कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की इफ्तार पार्टी से कुछ पुराने दोस्त गायब रहे तो नए दावत की रौनक बने। कांग्रेस के पुराने दोस्त सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव और वामदलों की ओर से कोई नेता सोनिया की इफ्तार पार्टी में नहीं पहुंचा।
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नए दोस्तों में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जदयू अध्यक्ष शरद यादव के साथ शामिल हुए। वहीं तृणमूल कांग्रेस के सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने दावत में शामिल होकर सबको हैरान कर दिया।

इफ्तार पार्टी में डीएमके सुप्रीमो करुणानिधि की बेटी कनिमोझी, जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, एनसीपी प्रमुख शरद पवार, लालू यादव की पार्टी राजद से प्रेम चंद्र गुप्ता और जयप्रकाश यादव शामिल हुए।
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पाकिस्तान के उच्चायुक्त अब्दुल बासित समेत कई देशों के राजदूत भी शामिल हुए। विपक्ष की ज्यादातर पार्टियों के नुमाइंदों ने अपनी मौजूदगी से मोदी सरकार के खिलाफ विपक्षी दलों की एकजुटता के प्रयासों में जुटी कांग्रेस का हौसला बढ़ाने का काम किया है।
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तृणमूल कांग्रेस के डेरेक ओ ब्रायन की मौजूदगी से सब हैरान

दावत के दौरान सोनिया की टेबल पर नीतीश कुमार की उपस्थिति पर सबकी नजरें थी। उनकी टेबल पर नीतीश के अलावा शरद पवार और डेरेक ओ ब्रायन मौजूद थे।

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी की टेबल पर शरद यादव और कनिमोझी मौजूद थे। वहीं पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की टेबल में बसपा के सतीश चंद्र मिश्र, प्रेम चंद्र गुप्ता और एके एंटनी मौजूद थे।

सपा और वामदलों की गैरमौजूदगी से कांग्रेस नेता भी हैरान थे। कांग्रेस के मीडिया प्रभारी रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि ये नेता शायद अपनी व्यस्तता के चलते नहीं आ सके। संसद के मानसून सत्र से ठीक पहले सोनिया की इफ्तार पार्टी के बड़े मायने निकाले जा रहे है।

मोदी सरकार के एक साल पूरा होने के बाद कांग्रेस सबसे आक्रामक भूमिका में है। ललित मोदी के मुद्दे पर मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के इस्तीफे को लेकर पार्टी ने संसद में हंगामा करने का ऐलान किया है।

अभी तक कांग्रेस की इन मांगों को लेकर माना जा रहा था कि विपक्षी दल इससे सहमत नहीं है। मगर इफ्तार में मौजूद नेताओं की मौजूदगी से माना जा रहा है कि इन मांगों को जदयू और राजद पूरा समर्थन देंगे।

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