बुढ़ापे में बेटे मां-बाप का सहारा बनते हैं लेकिन बेंगलुरु में दो बेटों ने मानवता को शर्मसार कर देने वाली हरकत की है।
दक्षिण बेंगलुरू के शखामबरीनगर में दो बेटों ने अपने 93 वर्षीय पिता को घर की तीसरी मंजिल पर कैद कर रखा था। पिता के हाथ-पैर कुत्ते की चेन से जकड़े हुए थे। उन्होंने कई दिनों से खाना भी नहीं खाया था।
पिता वहां से निकल न सकें इसके लिए लोहे की ग्रिल से बंद किया गया था। वह पिछले सात माह से कैद थे।
पड़ोसियों की सूचना पर दक्षिण क्षेत्र के पुलिस उपायुक्त एचएस रेवन्ना बुधवार को अनंत रमैया शेट्टी के घर पहुंचे। उन्होंने लंवे वक्त से कैद अनंत रमैया को मुक्त कराया।
उस समय अनंत रमैया कुछ भी बोलने की स्थिति में नहीं थे। लेकिन बाद में उन्होंने पुलिसकर्मियों से खुद को किसी वृद्घा आश्रम में भेजने का अनुरोध किया।
उन्होंने कहा, 'मैं यहां नहीं रह सकता।'
उन्हें फिलहाल जयनगर के संजय गांधी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उनको 24 घंटे के लिए डॉक्टरों की देखरेख में रखा गया है।
अनंत रमैया के चार बेटे हैं लेकिन कोई भी उनकी देखरेख नहीं करता था। वह अपने बेटे सुरेश कुमार और गिरीश कुमार के साथ रहते थे।
सुरेश और गिरीश ने बताया कि वह साफ-सुथरे नहीं रहते थे और हमेशा चिल्लाते थे इस वहज से वह उनकी देखभाल करने में असमर्थ थे।
पुलिस उपायुक्त ने बताया कि अनंत रमैया के छोटे बेटे सुरेश कुमार का बयान दर्ज कर लिया है। कानूनी कार्रवाई करने के लिए वह फिलहाल अनंत रमैया के बयान का इंतजार कर रहे हैं।
फिलहाल पुलिस ने उनके दोनों बेटों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।