फिल्म ‘ओ माई गॉड’ में भगवान एवं धर्माचार्यों के गलत चित्रण के विरोध में रविवार को संत और धर्माचार्यों के साथ विप्र समाज भी सड़कों पर आ गया। कलक्ट्रेट पर नारे और प्रदर्शन के बीच पुतला दहन किया गया। बाद में सभी लोग जिलाधिकारी आवास पहुंचे और तत्काल फिल्म का प्रदर्शन बंद करने की मांग की। प्रशासन ने संतों के विरोध को देखते हुए फिल्म के सभी शो बंद करा दिए। सिनेमा संचालकों ने भी आम लोगों की भावनाओं का सम्मान करते हुए कहा कि वे भी समाज के साथ हैं।
गत दिवस ओह माई गॉड का प्रदर्शन देशभर के साथ जनपद के सिनेमा घरों में भी हुआ। फिल्म के शो देखने के बाद आम जनता में काफी तीखी प्रतिक्रिया हुई। हिंदू धर्माचार्यों और देवों पर टिप्पणी व गलत फिल्मांकन का मामला संत समाज तक पहुंचा तो सरगर्मी होने लगीं। भागवताचार्य देवकी नंदन ठाकुर ने कहा कि फिल्म में जिस तरह हिंदू धर्म और संस्कृति का मजाक उड़ाया गया है, उस तरह विश्व में और कहीं भी किसी धर्म के खिलाफ ऐसा कृत्य करने की हिम्मत किसी की नहीं होती।
विरोध-प्रदर्शन का नेतृत्व भागवताचार्य ठाकुर, देवकी नंदन ठाकुर, स्वामी महेशानंद सरस्वती, महामंडलेश्वर फूलडोल महाराज, ब्राह्मण समाज के नेता और कमलकांत उपमन्यु, गोपी गोस्वामी आदि ने किया।