तृणमूल कांग्रेस की सुप्रीमो ममता बनर्जी ने साफ किया है कि वह सरकार की जनविरोधी नीतियों का विरोध करती रहेंगी। ममता ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर वह गुस्से में क्यों है? सरकार आवाज उठाने वालों को सीबीआई का डर दिखाती है। ममता ने कहा कि वह जनता के लिए हर कुर्बानी को तैयार है। यदि सरकार उसे जेल भेजना चाहती है तो वह इससे नहीं डरती है।
जंतर मंतर पर ममता ने कहा कि दिल्ली हिंदुस्तान के बाहर नहीं है। वह यहां जनता के साथ बात करने आई है। यूपीए सरकार से अलग होने के फैसले का समर्थन करते हुए उन्होंने कहा कि आखिर तृणमूल कैसे आम लोगों के खिलाफ सरकार का समर्थन कर सकती है? रिटेल में एफडीआई लागू करने से छोटे दुकानदारों की रोजी-रोटी छिन जाएगी।
इधर डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी और रिटेल में एफडीआई के मुद्दे पर तृणमूल कांग्रेस को जदयू के शरद यादव का साथ मिला है। जंतर मंतर पर तृणमूल कांग्रेस की रैली में शरद यादव ने कहा कि यूपीए से ममता बनर्जी की बगावत इतिहास में दर्ज होगी। ममता में लोहिया और जयप्रकाश नारायण जैसी हिम्मत है। सच तो यह है कि ममता बंगाल की शेरनी है।
शरद यादव ने साफ किया कि वे यहां किसी राजनीतिक दल के प्रतिनिधि के तौर पर नहीं आए हैं। इस मंच पर वे ममता का साथ देने बतौर देश का नागरिक आए हैं। रिटेल में एफडीआई का विरोध वे संसद के अंदर और बाहर करते रहेंगे। देशभर में जनता दल (यूनाइटेड) सरकार के इस फैसले के खिलाफ आंदोलन करेगी।