चुनाव लड़ रहे नेताओं को ही नहीं अब जिला स्तर पर तैनात आला अधिकारियों को भी शपथपत्र देना होगा।
अधिकारियों को बताना होगा कि वे वहां चुनाव लड़ रहे किसी नेता अथवा राजनीतिक दल से न तो कोई संबंध रखते हैं और न ही उनका कोई रिश्तेदार है। उन्हें यह शपथपत्र नामांकन की अंतिम तिथि तक देना होगा।
आयोग से मिली जानकारी के अनुसार सभी चुनावी राज्यों के मुख्य चुनाव अधिकारियों को आयोग की ओर से पहली बार इस तरह के शपथपत्र लिए जाने संबंधी आदेश भेजे जा चुके हैं।
इस पत्र के अनुसार जिले में चुनाव व्यवस्था से जुड़े जिलाधिकारी, एसडीएम, एसएसपी, एसपी, डीएसपी, थानाध्यक्ष व चुनावी जिम्मेदारी निभा रहे सीनियर अफसरों को शपथपत्र में स्पष्ट करना होगा कि वे पिछले विधानसभा चुनाव या लोकसभा चुनाव में उक्त जिले में तैनात नहीं थे।
शपथपत्र के बाद आयोग करेगा फैसला
अगर किसी अधिकारी का रिश्तेदार अथवा परिचित जिला स्तर व राज्य स्तर पर किसी पार्टी का पदाधिकारी है तो भी वह चुनाव ड्यूटी से पहले इसका खुलासा करेगा। इन खुलासों के बाद आयोग तय करेगा कि अफसर को चुनाव ड्यूटी में रखना है या हटाना है।
आयोग के अनुसार अधिकारियों को लिखित शपथपत्र संबंधी जानकारी राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को देनी होगी।
आयोग का निर्देश है कि संबंधित जिलों के अधिकारी नामांकन के अंतिम दिन प्रत्याशियों के नाम के आधार पर शपथपत्र में स्थिति स्पष्ट कर देंगे। यदि किसी अधिकारी का रिश्तेदार प्रत्याशी अथवा राजनीतिक दल में महत्वपूर्ण पदाधिकारी है तो उसे उससे रिश्तों का पूरा ब्योरा अलग से देने को कहा गया है।