डॉ. जाकिर हुसैन ट्रस्ट द्वारा जिला विकलांग कल्याण अधिकारी और खंड विकास अधिकारी बेवर के फर्जी हस्ताक्षर कर निदेशालय को भेजी गई सूची का मामला अब गरमा गया है। केंद्रीय कानून मंत्री सलमान खुर्शीद ने दावा किया है कि शिविर भी लगे हैं और उपकरण भी बंटे हैं। वहीं जिला विकलांग कल्याण अधिकारी का कहना है कि न तो उन्हें उपकरण वितरित करने के लिए विकलांगों की सूची दी गई और न ही निदेशालय को भेजी गई सूची पर उनके हस्ताक्षर कराए गए हैं।
डॉ. जाकिर हुसैन ट्रस्ट ने वित्तीय वर्ष 2009-10 में मैनपुरी नगर और बेवर में विकलांग कल्याण शिविर लगाया था। शिविर में विकलांगों को परीक्षण के बाद विभिन्न प्रकार के उपकरण वितरित किए गए थे। ट्रस्ट द्वारा विकलांगों को वितरित किए गए उपकरणों की सूची तत्कालीन खंड विकास अधिकारी बेवर और जिला विकलांग कल्याण अधिकारी तपस्वीलाल के फर्जी हस्ताक्षरों से सत्यापित कर विकलांग कल्याण निदेशालय भेज दी गई। इसी प्रकरण को लेकर सियासत गरमाई है।
रविवार को केंद्रीय कानून मंत्री सलमान खुर्शीद ने कहा कि ट्रस्ट द्वारा कोई फर्जीवाड़ा नहीं किया गया है। शिविर भी लगे हैं और उपकरण भी बंटे हैं। उनके दावे पर जिला विकलांग कल्याण अधिकारी तपस्वीलाल का कहना है कि न तो शिविर लगने की उन्हें जानकारी दी गई और न ही शिविर में उपकरण बांटने के लिए विकलांगों की सूची उनसे मांगी गई। इतना ही नहीं, शिविर में कितने विकलांगों को उपकरण वितरित किए गए यह सूची भी उन्हें नहीं दी गई। उनके और तत्कालीन बीडीओ बेवर रामसागर यादव के फर्जी हस्ताक्षर कर निदेशालय को सूची भेजी गई थी। उन्होंने यह जानकारी विभाग को भेज दी है। तत्कालीन सीडीओ भी हलफनामे पर अपने हस्ताक्षर होने की बात से इनकार कर रहे हैं।
नाम अधिक, उपकरण काफी कम बंटे
जिला विकलांग सेवा समिति के जिलाध्यक्ष किशनलाल जैन का कहना है कि जनपद में शिविर का आयोजन तो हुआ है, लेकिन अधिकांश विकलांगों को उपकरण नहीं दिए गए। जैन का आरोप है कि शिविर में कुछ ही विकलांगों को उपकरण बांटे गए हैं, जबकि नाम कई के लिखे गए हैं। जांच में यह खुलासा हो जाएगा।
वितरित किए उपकरण, प्रमाण मौजूद: प्रधान
कांग्रेस जिलाध्यक्ष प्रकाश प्रधान का कहना है कि टीम द्वारा जांच के दौरान जिन्हें पात्र पाया गया, उन सभी को उपकरण वितरित किए गए हैं। जितने विकलांगों को उपकरण वितरित किए गए हैं, सभी प्रमाण उनके पास मौजूद हैं। 17 जुलाई, 2010 को नगर में लगे शिविर में स्वयं तत्कालीन सीडीओ जेबी सिंह ने विकलांगों को उपकरण वितरित किए थे।
शासन से नहीं मांगी गई कोई सूचना
प्रभारी डीएम एके शर्मा का कहना है कि शासन स्तर से उनसे कोई सूचना नहीं मांगी गई है। यह मामला उनसे पूर्व का है, उन्हें इस संबंध में कोई जानकारी नहीं है।