दहेज के भूखे दानवों ने सॉफ्टवेयर इंजीनियर महिला को 13 माह की बेटी समेत पेट्रोल डालकर जला दिया। मां ने रविवार तड़के अस्पताल में दम तोड़ दिया, जबकि नन्हीं इतिका मौत से जूझ रही है। दिल्ली के सरोजनी नगर इलाके में हुई इस घटना के बाद से पति और ससुर फरार हैं। पुलिस ने दहेज प्रताड़ना और हत्या का मामला दर्ज कर सास सुषमा गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया है। मृतका का पति एक मल्टीनेशनल कंपनी में इवेंट मैनेजर है,
जबकि ससुर एनडीएमसी में इंजीनियर है।
पुलिस के मुताबिक, ऑफिसर फ्लैट, सरोजनी नगर निवासी परिवर्तिका गुप्ता (25) सॉफ्टवेयर इंजीनियर थी। फिलहाल वह कहीं नौकरी नहीं कर रही थी। परिवर्तिका का मायका अलीगढ़ के छर्रा इलाके में है। उसके डॉक्टर पिता छेनवीर गुप्ता ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया कि परिवर्तिका और आशुतोष की दिसंबर, 2010 में शादी हुई थी। शादी के बाद से उनकी बेटी को दहेज के लिए परेशान किया जा रहा था। छह अक्टूबर को ससुर राममोहन गुप्ता, सास सुषमा और पति ने मिलकर परिवर्तिका को बुरी तरह पीटा।
इतना ही नहीं, कमरे में बंद करके परिवर्तिका और उसकी बेटी पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी गई। शोरशराबे की आवाज सुनकर पड़ोसियों ने मामले की सूचना पुलिस को दी। वारदात के दौरान ससुर भी मामूली रूप से झुलस गया। तीनों को सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां से ससुर फरार हो गया। शुक्रवार को परिवर्तिका के एसडीएम के समक्ष दिए बयान के बाद पुलिस ने हत्या के प्रयास का मामला दर्ज करके सास को गिरफ्तार कर लिया था।