दिल्ली में उबर कैब के चालक की दरिंदगी का शिकार हुई महिला ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर अपनी आपबीती दुनिया के सामने रखी है। पीड़ित ने कहा कि उसे हर रोज मानसिक यातना सहनी पड़ रही है। साथ ही उसने अमेरिका स्थित वेब आधारित टैक्सी कंपनी को भी आड़े हाथ लिया।
उसने कहा कि बलात्कार के बाद उबर ने महज दिखावे के लिए भारत में अपने नियमों में बदलाव किया। महिला दिवस पर जारी अपने संदेश में 25 वर्षीय इस महिला एक्जीक्यूटिव ने कहा कि जब तक महिलाएं अपने आपको कानूनी तरीके से सुरक्षित नहीं महसूस करतीं, तब तक उन्हें बराबरी नहीं मिल सकती।
दुर्भाग्यवश उबर ने यह बात नहीं समझी। महिला ने कहा कि यद्यपि पिछले साल दिसंबर में जो कुछ हुआ उसे वह भूलना चाहती हैं, लेकिन उन्हें बार-बार ऐसे शातिर हमलों को झेलना पड़ा है, जो उनके जख्म हरे कर देते हैं।
उन्होंने कहा कि इस कड़ी में हाल ही में मुकदमे की सुनवाई के दौरान आरोपी के वकील द्वारा पूछताछ सबसे ताजा मामला है। पीड़ित ने कहा कि वह अपने दर्द को शब्दों में बयां नहीं कर सकतीं। उन्हें हर रोज मानसिक यातना से गुजरना पड़ रहा है।