अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा की जनवरी में प्रस्तावित भारत यात्रा दोनों देशों के भावी संबंधों को लेकर अहम मानी जा रही है। अमेरिका के शीर्ष प्रशासनिक अधिकारियों और विशेषज्ञों का कहना है कि ओबामा का भारत दौरा द्विपक्षीय सामरिक भागीदारी मजबूत करने और संबंधों को विस्तार देने के नजरिए से महत्वपूर्ण है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के बतौर शुक्रवार को अमेरिकी राष्ट्रपति को आमंत्रित किया था, जिसे ओबामा ने स्वीकार कर लिया। अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार सुसान राइस ने ट्वीट किया कि पहली बार अमेरिका के राष्ट्रपति भारत के गणतंत्र दिवस समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत करेंगे। उन्होंने कहा कि हम भारत-अमेरिका सामरिक भागीदारी को मजबूत करने और विस्तार देने के लिए प्रतिबद्ध है।
ओबामा के विश्वासपात्र और उप राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार बेन रोड्स ने भी ट्वीट कर कहा कि भारत के गणतंत्र दिवस समारोह में ओबामा के बतौर मुख्य अतिथि शामिल होना दोनों देशों के बीच घनिष्ठ संबंध और दोस्ती को दर्शाता है। अमेरिका की सेवानिवृत्त राजनयिक तेरेसीटा चाफर ने इसे ओबामा के लिए सबसे प्रतिष्ठित निमंत्रण करार दिया है। उन्होंने कहा कि उलझे संबंधों के बीच यह सम्मानपूर्ण अवसर है।
इसके अलावा विल्सन सेंटर से दक्षिण एशिया विशेषज्ञ और अमेरिका की शीर्ष थिंक टैंक माइकल कुगेलमन ने मोदी के अमेरिकी दौरे के बाद ओबामा की भारत यात्रा को दोनों देशों के बीच रिश्तों को सुधारने की दृष्टि से अहम माना है। ओबामा पहले राष्ट्रपति हैं जो भारत के गणतंत्र दिवस समारोह का हिस्सा बनेंगे। साथ ही अपने शासन काल में भारत का दो बार दौरा करने वाले पहले अमेरिकी राष्ट्रपति भी होंगे।