ख़्वाजा गरीब नवाज का शहर अजमेर अब स्मार्ट होने जा रहा है। भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अमेरिकी दौरे के दौरान जिन तीन शहरों को स्मार्ट सिटी बनाने के लिए करार हुआ उनमें अजमेर भी शामिल है।
अजमेरवासी शहर के स्मार्ट होने को लेकर इतने उत्साहित हैं कि चौराहे पर ओबामा के बड़े-बड़े बैनर लग गए हैं। इनमें ओबामा को 'कोटि-कोटि धन्यवाद' दिया गया है। ये बात दूसरी है कि अजमेर के आम लोग न ओबामा को जानते हैं और न ही स्मार्ट शहर क्या होगा इसे समझते हैं।
52 वर्षीय रिक्शा चालक राजा बाबू पोस्टर पर मोदी और वसुंधरा का चेहरा तो पहचान लेते हैं, लेकिन ओबामा को देखकर कहते हैं, "ये शायद अमेरिका का कोई व्यक्ति हो जो अजमेर में अपनी पहचान बनाना चाहता है?"
ओबामा और अजमेर
22 वर्षीय मुकेश मोदी के साथ ओबामा की तस्वीर देखकर कहते हैं, "ये कोई अमेरिकी है जो मोदी की पार्टी से चुनाव की तैयारी कर रहा है, इसलिए ही पूरे अजमेर में बड़े-बड़े फोटो लगवा दिए हैं।"
वहीं 40 वर्षीय होमगार्ड सुरेश ओबामा को पहचानते हुए कहते हैं कि, "ये अमेरिका के नेताजी हैं जो यहां आकर अजमेर को स्मार्ट सिटी बनाएंगे।" मोदी के अमेरिका दौरे में अमेरिका ने तीन शहरों को स्मार्ट सिटी बनाने में मदद की पेशकश की।
स्मार्ट सिटी से उनका मतलब ऐसे शहर से है जो साफ-स्वच्छ हो और जिसमें अच्छी नौकरियां हों। ओबामा के पोस्टर देखकर 42 वर्षीय अमरचंद्र को लगता है कि ओबामा और मोदी मिलकर अजमेर को साफ शहर बना देंगे क्योंकि यहां गंदगी बहुत है।
धार्मिक आस्था और पर्यटन के लिए आकर्षक शहर होने के बावजूद अजमेर में गंदगी का शिकार है। मोदी के स्वच्छ भारत अभियान के बावजूद शहर में जगह-जगह गंदगी के ढेर नजर आते हैं।
उत्साहित हैं अजमेरवासी
शहर के सबसे प्रमुख स्थानों में से एक मुगलकालीन बारादरी पार्क में बने शौचालय सालों से बंद पड़े हैं और लोगों को खुले में ही शौच करना होता है। लेकिन अब लोग स्मार्ट सिटी को लेकर बेहद उत्साहित हैं।
भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष अरविंद यादव कहते हैं कि ये पोस्टर ओबामा और नरेंद्र मोदी के सम्मान में उत्साहित कार्यकर्ताओं ने लगाए हैं।
पोस्टर लगवाने वाले शहरी विकास प्रधिकरण के पूर्व अध्यक्ष धर्मेश जैन कहते हैं, "हम अजमेर को एक साफ-स्वच्छ शहर बनाए जाने की कल्पना से खुश हैं और मोदी, ओबामा का धन्यवाद करना चाहते हैं।"