नेशनल सिक्योरिटी गार्ड (एनएसजी) ने अपने पूर्व कमांडो के वित्तीय अनियमितता संबंधी आरोपों को खारिज कर दिया है। एनएसजी का कहना है कि 26/11 मुंबई ऑपरेशन के लिए बल को उपहार में देने के लिए मिले चेकों का पूरा लेखा जोखा रखा गया है और निजी रूप से देने के लिए आए चेकों को वापस कर दिया गया।
एनएसजी हेडक्वार्टर ने पूर्व कमांडो नायक सुरेंदर सिंह के दावों का बिंदुवार स्पष्टीकरण और खंडन जारी किया है। सिंह ने 2008 मुंबई हमले के दौरान उनकी सेवाओं के बदले पुरस्कार, नगद राशि और पेंशन से संबंधित मसलों को उठाया था। एनएसजी का कहना है कि व्यक्तिगत कमांडो के लिए भेजे गए चेकों को गृह मंत्रालय के निर्देश पर वापस कर दिए गए थे।
चेकों को वापस भेजने के साथ ही अपील की गई थी कि यदि इन्हें एनएसजी वेलफेयर फंड के नाम से जारी किया जाता है तो ही स्वीकार किया जा सकता है। एनएसजी ग्रुप कमांडर (इंटेलीजेंस) अजय सिंह ने बयान में कहा कि ऑपरेशन ब्लैक टॉरनेडो (मुंबई ऑपरेशन) के दौरान घायल हुए कमांडो के लिए गुड़गांव के बिजनेसमैन दीप कापूरिया ने 15 चेक (22 लाख) भेजे थे। इसमें 2 लाख रुपये का सुरेंदर सिंह के नाम का भी चेक था। वित्तीय सहायता को स्वीकार करने संबंधी प्रस्ताव गृहमंत्रालय को भेजा गया था।
मंत्रालय के निर्देशानुसार सुरेंदर के नाम समेत सभी 15 चेकों को दीप कापूरिया को वापस लौटा दिए गए थे। एनएसजी का कहना है कि इसी तरह से अन्य सभी मामलों में भी सभी चेकों को संबंधित व्यक्तियों को लौटा दिए गए हैं। सुरेंदर ने दावा किया था कि 26/11 ऑपरेशन में घायल हुए एनएसजी कमांडो को चेक के रूप में बड़ी संख्या में गिफ्ट भेजे गए थे लेकिन फोर्स ने इन्हें संबंधित लोगों को नहीं सौंपे।