दूसरे टेस्ट का दूसरा दिन पूरी तरह से मेहमानों के नाम रहा। सबसे पहले इंग्लिश स्पिनरों मोंटी पनेसर और ग्रीम स्वान ने भारतीय पारी को साढ़े तीन सौ के नीचे समेट दिया। इसके बाद कप्तान एलिस्टर कुक और केविन पीटरसन ने आखिरी सत्र तक पिच पर टिके रहकर मेहमानों के लिए पहली पारी में मजबूत नींव रखी। कुक ने पहले टेस्ट की तरह ही इस बार भी धैर्य का परिचय दिया जबकि पीटरसन ने नाबाद अर्धशतक ठोक खुद के फॉर्म में लौटने के संकेत दिए।
भारत की पहली पारी 327 रन पर सिमटने के बाद दूसरे दिन स्टंप्स तक इंग्लैंड ने दो विकेट पर 178 रन बना लिए थे। कुक 87 रन और पीटरसन 62 रन बनाकर पिच पर टिके थे और दोनों के बीच तीसरे विकेट के लिए अब तक नाबाद 110 रन की साझेदारी हो चुकी थी। हालांकि इंग्लैंड अब भी भारत से 149 रन पीछे है। मेहमानों के लिए रविवार तीसरे दिन का पहला सत्र अहम रहेगा। टीम इंडिया इंग्लैंड की पहली पारी जल्द समेटना चाहेगी।
पहले दिन के मुकाबले पिच दूसरे दिन बल्लेबाजों के लिए कुछ बेहतर नजर आए। भारतीय पुछल्ले बल्लेबाजों ने जहां शुक्रवार के स्कोर में 61 रन जोड़े। वहीं, इंग्लिश बल्लेबाजों ने 178 रन बनाए जबकि दोनों दिन विकेट एकसमान गिरे। शनिवार सुबह चेतेश्वर पुजारा और आर अश्विन भारतीय पारी छह विकेट पर 266 रन से आगे बढ़ाने उतरे। अश्विन अपने कल के निजी स्कोर 60 रन में केवल आठ रन ही जोड़ पाए और वह बाएं हाथ के स्पिनर पनेसर की फिरकी का शिकार हुए।
पुजारा और अश्विन ने सातवें विकेट के लिए 111 रन जोड़े। इसके बाद पुजारा ने हरभजन सिंह के साथ भारत के स्कोर को 315 तक पहुंचाया। लेकिन 21 के निजी स्कोर पर भज्जी को स्वान ने अपनी फिरकी फंसा लिया। 35 गेंदों की अपनी संक्षिप्त पारी में हरभजन ने एक छक्का और दो चौके उड़ाए। आठवें विकेट के लिए भज्जी और पुजारा के बीच 35 रन की अहम साझेदारी हुई। इसके बाद स्वान की गेंद को आगे बढ़कर खेलने के चक्कर में पुजारा स्टंप हो गए। पुजारा ने 350 गेंदों में 12 चौकों की मदद से 135 रन बनाए।
पुजारा के आउट होने के बाद जहीर खान और प्रज्ञान ओझा आखिरी विकेट के 11 रन जोड़े। स्वान की गेंद पर जहीर के जॉनी बेयरस्टो के हाथों लपके जाने के साथ ही भारत की पहली पारी का अंत हो गया। भारतीयों की 327 रन की पारी में पुछल्ले बल्लेबाज अश्विन (68), हरभजन (21) और जहीर खान (11) के कुल 100 रन का योगदान अहम रहा। इंग्लैंड की ओर पनेसर ने सर्वाधिक पांच विकेट झटके जबकि स्वान ने चार बल्लेबाजों को पेवेलियन भेजा।
जवाब में ओपनर कुक और निक कॉम्प्टन ने संभलकर खेलते हुए इंग्लैंड को अच्छी शुरुआत दिलाई। दोनों ने पहले विकेट के लिए 66 रन जोड़े ही थे कि प्रज्ञान ओझा ने कॉम्टन को 29 के निजी स्कोर पर वीरेंद्र सहवाग के हाथों लपकवा भारत को पहली सफलता दिलाई। इसके दो गेंद बाद ही प्रज्ञान ने जोनाथन ट्रोट को एलबीडब्लू आउट कर इंग्लैंड के खेमे में हड़कंप मचा दिया। ट्रोट बगैर खाता खोले पेवेलियन लौट गए तब इंग्लैंड का स्कोर दो विकेट पर 68 रन था। लेकिन एक छोर पर डटे कुक और ट्रोट की जगह खेलने आए पीटरसन ने पिच पर खूंटा गाड़ दिया। इस बीच कुक ने अपना पचासा 134 गेंदों में छह चौकों और एक छक्के की मदद से पूरा किया। पीटरसन ने भी महज 63 गेंदों में आठ चौकों की मदद से 50 रन कूट डाले। दोनों के बीच 100 रन की साझेदारी 162 गेंदों में बने।