देश में बेहद संवेदनशील माने जाने वाले वीवीआईपी लोगों की सुरक्षा में लगे राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) ने फैसला किया है कि वह अब भविष्य में ऐसे और अहम लोगों को सुरक्षा नहीं देगा।
एनएसजी ने यह फैसला मौजूदा केंद्रीय गृह मंत्री और कई मुख्यमंत्रियों जैसे वीवीआईपी लोगों को कड़ी और फुल प्रूफ सुरक्षा देने के मद्देनजर उठाया है।
एनएसजी के महानिदेशक जेएन चौधरी ने कहा, "हम अब और वीवीआईपी लोगों की सुरक्षा की व्यवस्था कर पाने में सक्षम नहीं होंगे। हम अपने नियमों और मानदंडों के मुताबिक सबसे संवेदनशील वीवीआईपी लोगों की सुरक्षा करते हैं और मौजूदा स्थिति में आगे से हम किसी और को इस तरह की सुरक्षा नहीं दे पाऐंगे।"
मौजूदा समय में एनएसजी के कमांडो उन 15 वीवीआईपी की सुरक्षा में लगे हुए हैं, जिन्हें जेड प्लस श्रेणी की सुरक्षा मिली हुई है। एनएसजी के डीजी ने कहा कि वीवीआईपी की सुरक्षा में एनएसजी को लगाने पर रोक लगाना जरूरी था।
उन्होंने बताया, "वीआईपी सुरक्षा हमारे दायरे में नहीं है मगर जब भी गृह मंत्रालय तय करता है तब जरूरत के मुताबिक हमें इस काम में लगाया जाता है। हम विशेष बल हैं और हमारी ताकत हमारे संगठन में हैं।"