एनएसजी ने आतंकवाद रोधी अभियानों की अपनी वास्तविक भूमिका की तरफ लौटने की ओर अपना पहला कदम बढ़ाया है। इस क्रम में एनएसजी ने अपने 600 से अधिक कमांडो को अतिविशिष्ट लोगों (वीवीआईपी) की सुरक्षा इकाई से हटा लिया और पहली बार उनका इस्तेमाल पठानकोट हमले के दौरान किया।
यह योजना पिछले दो साल से अधिक समय से बन रही है और पठानकोट वायुसेना स्टेशन पर हमले के दौरान इन ब्लैक कैट कमांडो का पहली बार इस्तेमाल किया गया।
बल की ओर से नए ब्लूप्रिंट पर किए जा रहे काम के अनुसार 11वें स्पशेल रेंजर्स ग्रुप (एसआरजी) की कुल तीन टीमों में से दो टीमों को वीवीआईपी सुरक्षा ड्यूटी से हटा लिया गया है और उन्हें आतंकवादी निरोधी अभियानों का दायित्व सौंपा गया है।