केंद्र सरकार की महिला कर्मचारी अब अपने बच्चों की देखभाल के लिए लगातार दो साल तक छुट्टी ले सकती हैं। वे सिर्फ उनके पालन-पोषण के लिए ही नहीं बल्कि बीमारी में सेवा और परीक्षा की तैयारियां करवाने के लिए भी छुट्टी ले सकती हैं।
सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस एस. जे. मुखोपाध्याय और जस्टिस वी गोपाल गौड़ा की बेंच ने इस सिलसिले में कोलकाता हाई कोर्ट के फैसले को खारिज कर दिया और महिला कर्मचारियों को लगातार 730 दिन छुट्टी लेने की इजाजत दे दी।
कोलकाता हाई कोर्ट ने कहा था कि सेंट्रल सिविल सर्विसेज (लीव) के नियम बच्चों की देखभाल के लिए लगातार 730 दिनों की छुट्टी की इजाजत नहीं देते।