सरकारी नौकरियों में प्रमोशन में आरक्षण विधेयक पर भाजपा में विद्रोह थमने का नाम नहीं ले रहा है। इस बिल को समाज को बांटने वाला बताते हुए पीलीभीत से पार्टी के युवा सांसद वरुण गांधी खुले तौर पर इस बिल के खिलाफ मैदान में उतर आए हैं। पार्टी अध्यक्ष नितिन गडकरी को पत्र लिखकर वरुण ने लोकसभा में समर्थन से पहले विधेयक पर आम राय बनाने की मांग की है।
वरुण पत्र लिखने से पहले मौखिक तौर पर भी गडकरी से कह चुके हैं कि सभी को मालूम है कि सपा और बसपा इस विधेयक को राजनीतिक मुद्दा बना चुके थे। ऐसे में भाजपा को राज्यसभा में इसका समर्थन करने से पहले आपस में चर्चा करनी चाहिए थी।
वरुण ने अमर उजाला से कहा कि यह विधेयक समाज के विभिन्न वर्गों के बीच खाई पैदा करेगा। वरुण की तरह उत्तर प्रदेश के गोरखपुर से सांसद योगी आदित्यनाथ भी कह चुके हैं कि वे इस विधेयक का किसी भी सूरत में समर्थन नहीं करेंगे।
इसके अलावा भाजपा की उत्तर प्रदेश इकाई भी इस विधेयक का विरोध कर रही है। खुद भाजपा सांसद मेनका गांधी भी दावा कर चुकी हैं कि उत्तर प्रदेश से एक भी सांसद इस विधेयक के पक्ष में नहीं है। वरिष्ठ भाजपा नेता मुरली मनोहर जोशी और राजनाथ सिंह भी खुले तौर पर इस बिल के खिलाफ पार्टी में आवाज उठा रहे हैं। माना जा रहा है कि भाजपा में इस विधेयक को लेकर आने वाले दिनों में असंतोष और बढ़ सकता है।
बहरहाल, वरुण ने गडकरी को लिखे पत्र में कहा है कि इस विधेयक को लेकर भाजपा में आम राय बनाने की कोशिश की जानी चाहिए। क्योंकि इससे समाज का एक वर्ग खुद को आहत महसूस कर रहा है। इससे लाखों कर्मचारियों में भी असंतोष बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि यदि यह विधेयक पारित हुआ तो इससे करोड़ों युवाओं का भविष्य चौपट हो जाएगा। इससे योग्यता का कोई मतलब नहीं रह जाएगा।