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आखिरकार खास से आम हो ही गए राबर्ट वाड्रा, जानिए कैसे?

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घरेलू एयरपोर्ट पर तलाशी से मिल रही छूट को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के दामाद राबर्ट वाड्रा और केंद्र सरकार के पिछले काफी दिनों से चल रहे विवाद का आखिरकार बुधवार को पटाक्षेप हो ही गया।
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वाड्रा अपना नाम वीवीआईपी लिस्ट से हटाने के लिए लगातार सोशल मीडिया के जरिए मोदी सरकार पर हमला बोल रहे थे। सोशल मीडिया पर अनुरोध को देखते हुए सरकार ने वाड्रा का नाम देशभर के एयरपोर्ट पर तलाशी से छूट हासिल लोगों की लिस्ट से हटा लिया है।

सरकार के इस फैसले के बाद अब वाड्रा को देश के हर एयरपोर्ट पर अपनी जामा तलाशी करानी होगी। इतना ही नहीं एसपीजी सुरक्षाधारी अपनी पत्नी प्रियंका गांधी के साथ होने पर भी उन्हें तलाशी देनी होगी।
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नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री महेश शर्मा ने कहा कि पूर्ववर्ती यूपीए सरकार ने एसपीजी सुरक्षाधारी के साथ यात्रा करने के दौरान वाड्रा को एयरपोर्ट पर तलाशी से छूट की सुविधा दी हुई थी
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वाड्रा के कहने पर हटा नाम

उन्होंने खुद इस लिस्ट से अपना नाम हटाने को कहा था। नागरिक उड्डयन मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि सरकार ने घरेलू एयरपोर्ट पर मिल रही तलाशी से छूट हासिल लोगों की लिस्ट की समीक्षा की और अब इसमें वाड्रा का नाम नहीं है।

उड्डयन मंत्रालय के आदेश पर वाड्रा ने कहा कि बहुत खूब। उन्होंने जो किया, उससे मैं बहुत खुश हूं। इसके बाद उन्होंने फेसबुक पोस्ट में कहा कि मैं इसकी सराहना करता हूं कि अब मेरा नाम वीवीआईपी में नहीं आएगा। मुझे उम्मीद है कि अब यह मामला खत्म हो गया और इसका इस्तेमाल मेरे खिलाफ नहीं होगा। मेरी शुभकामनाएं।

दो दिन पहले वाड्रा ने फेसबुक पोस्ट के जरिए अपना नाम एयरपोर्ट पर तलाशी से छूट हासिल लोगों से हटाने का अनुरोध किया था।

साथ ही कहा था कि वह सोच रहे हैं कि वह खुद देशभर के एयरपोर्ट पर जाकर अपना नाम इस लिस्ट से हटा दें और अपने नाम के ऊपर सफेद टेप लगाकर हस्ताक्षर कर दें।

इसके बाद मंगलवार को नागरिक उड्डयन मंत्री अशोक गजपति राजू ने उनका नाम लिस्ट से हटाने के संकेत दिए थे।

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