आधुनिक युग के ‘सूरज’ को उत्तर प्रदेश पुलिस ने स्वीकार कर लिया है। अब राज्य के 1504 थाने कंप्यूटर युग में प्रवेश करेंगे।
राज्य के 581 थाने कंप्यूटर से सज चुके हैं। यह सूचना यूपी पुलिस तकनीकी सेवा मुख्यालय ने एक आरटीआई के जवाब में दी है।
देशभर में पुलिस को आधुनिक करने की कवायद चल रही है। यूपी पुलिस इस मामले में अन्य कई राज्यों से काफी पीछे है। राज्य पुलिस की ओर से कोई कसर नहीं छोड़ी गई है, पर तकनीक सुविधाएं मुहैया कराने के मसले पर राज्य सरकार ने ही उसकी सिफारिशों को नजरअंदाज किया।
हालांकि अब थानों को कंप्यूटराइज्ड करने की मंजूरी मिल गई है। अधिवक्ता गौरव अग्रवाल की आरटीआई के जवाब में तकनीकी सेवा मुख्यालय ने कहा है कि 581 थानों में कंप्यूटर व उससे संबंधित उपकरण पहुंचा दिए गए हैं।
जवाब के मुताबिक कुल 1504 थानों में यह सुविधा मुहैया कराई जानी है और इस काम को सीसीटीएनएस योजना के तहत मई, 2014 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
हालांकि पुलिस ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि योजना के तहत और कौन सी तकनीकी सुविधाएं थानों को मुहैया कराई जाएंगी। आरटीआई में पुलिस से आठ सवाल किए गए थे, लेकिन पुलिस ने सिर्फ एक सवाल का जवाब दिया है।
इनमें से एक सवाल यह भी था कि लावारिस लाशों के अंतिम संस्कार के लिए सरकार कितनी धनराशि आवंटित करती है। तकनीकी मुख्यालय के जवाब से यह स्पष्ट है कि थानों को कंप्यूटराइज्ड किए जाने के बाद अन्य आधुनिक सुविधाएं भी पुलिस को मुहैया कराई जाएंगी।