प्राथमिक विद्यालयों में अब थर्ड जेंडर (किन्नर) भी आम छात्र-छात्राओं के साथ पढ़ सकेंगे। यही नहीं दाखिले के फार्म में उनके लिए थर्ड जेंडर नाम से कैटेगरी भी बढ़ाई गई है। बीएसए देवरिया ने इनका दाखिला करने में आनाकानी या भेदभाव बरतने वाले शिक्षकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की बात कही है।
बेसिक शिक्षा सचिव एचएल गुप्त ने नौ जून को इस संबंध में शासनादेश जारी कर दिया है। प्रदेश के सभी बीएसए को भेजे गए आदेश में प्राथमिक विद्यालयों में थर्ड जेंडर का नामांकन कराने को कहा गया है।
ये विद्यालय में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं के साथ ही बैठेंगे। इनसे किसी प्रकार का भेदभाव नहीं किया जाएगा। स्कूल में छात्र-छात्राओं को मिलने वाली सुविधा के बराबर ही उनको भी सुविधा दी जाएगी। सचिव के आदेश के बाद शिक्षा विभाग के जिम्मेदारों ने थर्ड जेंडर की खोज शुरू कर दी है।