टीवी कार्यक्रमों पर नजर रखने के साथ ही अब सरकार निजी एफएम रेडियो चैनलों के कार्यक्रमों की निगरानी का काम भी करेगी। साथ ही केबल टीवी के डिजिटलीकरण के बाद अब केबल टीवी के कार्यक्रमों पर भी नजर रखने की योजना है। दरअसल, एफएम रेडियो पर खबरें प्रसारित करने की इजाजत देने के मद्देनजर सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने 12वीं पंचवर्षीय योजना के तहत अपनी यह योजना बनाई है। साथ ही सरकार कुछ सालों में देशभर में 800 एफएम रेडियो स्टेशनों को मंजूरी देने जा रही है। सूचना और प्रसारण सचिव उदय कुमार ने सोमवार को इसका खुलासा किया।
इलेक्ट्रोनिक मीडिया मॉनिटरिंग सेंटर के एक कार्यक्रम में सूचना और प्रसारण सचिव ने बताया कि दो से तीन साल में 800 और एफएम चैनल आने के मद्देनजर रेडियो के कार्यक्रमों की निगरानी की जरूरत महसूस की जा रही है। उदय कुमार ने कहा कि आने वाले दिनों में निजी एफएम चैनलों को समाचार प्रसारित करने की इजाजत मिल सकती है। ऐसी स्थिति में इन पर निगरानी की व्यवस्था बनाए रखने की जरूरत है।
शुरुआत में ऑल इंडिया रेडियो यानी आकाशवाणी की खबरें ही निजी एफएम चैनल सुनाएंगे। बाद में स्थानीय खबरों के लिए निजी एफएम चैनलों को मंजूरी दी जाएगी। इसके बाद ही एफएम चैनलों को न्यूज प्रसारण की पूरी छूट मिलेगी। दरअसल, रेडियो इंडस्ट्री में बड़े बदलावों के मद्देनजर ही सरकार ने टीवी और रेडियो कार्यक्रमों पर निगरानी का दायरा बढ़ाने की तैयारी कर ली है।
इलेक्ट्रोनिक मीडिया मॉनिटरिंग सेंटर की कार्यप्रणाली के दायरे को भी बढ़ाने की योजना है। ताकि वे ज्यादा से ज्यादा चैनलों के कार्यक्रम की निगरानी करें। उधर, सरकार अब सेटेलाइट से प्रसारित होने वाले चैनल ही नहीं बल्कि केबल टीवी के जरिए दिखाए जा रहे चैनलों पर भी नजर रखने की तैयारी कर रही है। उदय कुमार के मुताबिक केबल टीवी सेवाओं के डिजिटलीकरण के बाद केबल टीवी पर निगरानी के लिए नई तकनीक खोजी जा रही है।