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संघ के दरबार में भाजपा के ‘बाहरी’ नेता, क्या है मामला?

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हरियाणा में चुनाव से पूर्व भाजपा का दामन थामने वाले नेता अब राज्य में अपनी और अपने समर्थकों की सुध लिए जाने के लिए संघ दरबार में हाजिरी लगाने में जुट गए हैं।
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दरअसल, राज्य के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर को पार्टी नेतृत्व और पीएम नरेंद्र मोदी से मिली खुली छूट के कारण दिल्ली दरबार में इन ‘बाहरी’ नेताओं की एक नहीं चल रही। यही कारण है कि पार्टी संगठन और सरकार में खुद के साथ-साथ अपने समर्थकों को खपाने के लिए ऐसे नेता अब संघ की शरण में हैं।

इस क्रम में केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह, भिवानी के सांसद धर्मबीर भलेराम, सोनीपत के सांसद रमेश चंद्र कौशिक सहित कई विधायकों ने दिल्ली के झंडेवालान स्थित संघ मुख्यालय में हाजिरी लगाई है।
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इन नेताओं ने संघ के नेताओं से अलग-अलग मुलाकात की है। ये नेता ऐसे समय में संघ की परिक्रमा कर रहे हैं, जब मुख्यमंत्री खट्टर जल्दी ही अपने मंत्रिमंडल का विस्तार करने जा रहे हैं।
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दिल्ली दरबार में भी नहीं गल रही दाल

लोकसभा और उसके बाद विधानसभा चुनाव से पहले थोक के भाव में पाला बदल कर भाजपा में आए नेता खट्टर की ‘रूल बुक स्टाइल’ में सरकार चलाने से परेशान हैं। इस वजह से ‘बाहरी’ नेता खुद को या अपने समर्थकों को उपकृत नहीं कर पा रहे हैं।

खट्टर की केंद्रीय भाजपा में पकड़ और पीएम मोदी से नजदीकी के कारण इन नेताओं की दिल्ली दरबार में भी दाल नहीं गल रही। यही कारण है कि इन नेताओं ने अपनी सुध लिए जाने के लिए अब संघ मुख्यालय में दरबार लगाना शुरू कर दिया है।

खासतौर से खट्टर मंत्रिमंडल में विस्तार की आहट के बाद बीते एक पखवाड़े के अंदर कांग्रेस से आए उपरोक्त तीनों सांसदों के अलावा कई विधायकों ने झंडेवालान स्थित संघ के दिल्ली कार्यालय में संघ नेताओं से अलग-अलग मुलाकात कर अपना दुखड़ा रोया है।
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'बाहरी नेता' चाहते हैं उनकी सुध ली जाए

सूत्रों के मुताबिक ‘बाहरी’ नेता चाहते हैं कि भाजपा का दामन थामने के बाद अब उनकी और उनके समर्थकों की सरकार और संगठन में सुध ली जाए। इन नेताओं ने संघ नेताओं के समक्ष खुद का और अपने समर्थकों का काम न होने, शासन-प्रशासन में भाव न मिलने का भी रोना रोया है।

विधानसभा चुनाव के बाद खट्टर मंत्रिमंडल में शामिल पार्टी के कई नेताओं ने मुख्यमंत्री के खिलाफ मुहिम चलाने की कोशिश की थी। मगर इस मुहिम को दिल्ली दरबार में भाव न दिए जाने के कारण ऐसा नेता भी अब आत्मसमर्पण की मुद्रा में आ गए हैं।

वैसे भी दिल्ली चुनाव की पहली रैली के दौरान रामलीला मैदान में पीएम मोदी ने हरियाणा की राजनीति का शुद्धिकरण करने की घोषणा कर खट्टर को शासन चलाने लिए फ्री हैंड देने का सीधा संदेश तो दे ही दिया है।
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