टेलीविजन पर अब 'शीला' और 'मुन्नी' के लटके-झटके नहीं दिखेंगे। सरकार ने फैसला किया है कि फिल्मों में दिखाए जाने वाले आइटम सॉन्ग को टीवी पर दिखाने पर प्रतिबंध लगाया जाएगा। सरकार ने ऐसे गानों को एडल्ट कंटेट की रेटिंग देने का फैसला किया है।
केंद्रीय फिल्म सेंसर बोर्ड ने सरकार से कहा है कि इस संबंध में पहले ही सभी क्षेत्रीय कार्यालयों को निर्देश भेज दिए गए हैं और साथ ही यह भी कहा गया है कि ऐसे गानों के लिए 'ए' (केवल व्यस्कों के लिए) प्रमाण पत्र जारी किया जाए। बोर्ड ने कहा है कि ऐसे गानों को टीवी चैनलों पर दिखाने की अनुमति नहीं दी जा सकती है। ज्यादा से ज्यादा टीवी पर 'यूए' रेट वाली सामग्री ही दिखाई जा सकती हैं।
सेंसर बोर्ड के सीईओ पंकज कुमार ने इस मामले में बताया कि यह फैसला धारावाहिकों और फिल्मों के जरिए परोसी जा रही अश्लीलता को रोकने के लिए लिया गया है। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दिनों से आईटम सॉन्ग को लेकर चर्चा चल रही थी। आम लोगों और महिला आयोग की ओर से हमें शिकायतें मिली थी। खासतौर पर दो आईटम सॉन्ग को लेकर शिकायतें की गई थी। ऐसे गाने वास्तव में केवल व्यस्कों के लिए होते हैं।
उन्होंने कहा कि हम आईटम सॉन्ग की परिभाषा तय नहीं करना चाहते, लेकिन बोल और दृश्य में अगर ऐसा लगे कि गाना केवल व्यस्कों के लिए है तो उसे 'ए' सर्टिफिकेट देना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस फैसले को दिल्ली गैंग रेप की घटना से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए। बोर्ड ने उन गानों और दृश्यों के खिलाफ भी कड़े कदम उठाने का फैसला किया है, जिनमें प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से महिलाओं के खिलाफ हिंसा को दिखाया जाता है।