दंगों और कानून व्यवस्था को लेकर घिरी अखिलेश सरकार को रघुरामन समिति की रिपोर्ट से सियासी डैमेज कंट्रोल की संजीवनी मिल गई है।
दरअसल, रिपोर्ट में सूबे को देश के 10 अल्प विकसित राज्यों में शामिल किया गया है। रिपोर्ट के तथ्यों के बाद अब प्रदेश को विशेष दर्जा देने की मांग और बुलंद हो सकती है।
मुजफ्फरनगर दंगों को लेकर सपा सरकार घिरी हुई है। चौतरफा सियासी हमले और दंगों को काबू करने की नाकामी सपा सरकार के रिकॉर्ड पर दाग बन गए हैं।
लिहाजा, सपा सरकार किसी भी तरह से इस नुकसान की भरपाई करने में जुट गई है। दरअसल, उत्तर प्रदेश को रघुरामन समिति की रिपोर्ट में अति पिछड़े राज्यों की सूची में शामिल किया गया है।
सपा लंबे समय से उत्तर प्रदेश को विशेष राज्य की मांग कर रही है। पार्टी का कहना है कि प्रदेश के पिछड़ेपन की वजह से सूबे को केंद्र की ओर से विशेष मदद देने की जरूरत है।
सपा का आरोप है कि केंद्र सरकार नीतीश कुमार की जदयू को यूपीए में शामिल करने के लिए बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने की कोशिश कर रही है, जबकि उत्तर प्रदेश को लगातार नजरअंदाज कर रही है।
पार्टी अब इस मांग को संसद में जोर से उठाने की रणनीति बना रही है।