भारतीय व्यापारिक जहाजों को समुद्री लुटेरों के हमले से बचाने के लिए केंद्र सरकार ने सीआईएसएफ के सशस्त्र कमांडो तैनात करने का फैसला किया है। सरकार ने नौसेना की स्पेशल फोर्स की मदद से अर्द्धसैनिक बल के करीब 100 जवानों को विशेष ट्रेनिंग देने को हरी झंडी दे दी है। इन जवानों को मरीन कमांडो (मारकोस) नाम दिया गया है। जहाज पर सुरक्षा के लिए एक कमांडर समेत पांच सदस्यीय दल तैनात किया जाएगा।
कानून मंत्रालय ने गृह मंत्रालय से सलाह लेने के बाद इन दस्तों के लिए मानक संचालन प्रक्रिया को अंतिम रूप दे दिया है। इन जवानों को जहाजों पर तैनात किया जाएगा और इन्हें लंबी दूरी तक मार करने वाले विशेष हथियार भी दिए जाएंगे।
सूत्र ने कहा, ‘इस नई व्यवस्था को लागू करने से पहले नियम तैयार करने के लिए अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानूनों की समीक्षा की जा रही है और इसे सीआईएसएफ के पहले दस्ते की तैनाती से पहले तैयार कर लिया जाएगा।’ इस साल के अंत तक इन कमांडो की तैनाती हो सकती है। यह विशेष दस्ता जहाज के साथ हिंद महासागर से सोमालिया तक जाएगा और वापसी में उसे सकुशल भारत तक पहुंचाएगा। सोमालिया समुद्री लुटेरों के लिए काफी कुख्यात माना जाता है। वर्तमान में भारतीय झंडे के साथ यात्रा कर रहे जहाजों को विदेशी सुरक्षा एजेंसियों पर निर्भर रहना पड़ता है।