भारतीय स्टेट बैंक अपने ग्राहकों को नकदी जमा करने वाले एटीएम की सुविधा देने की तैयारी कर रहा है। इसके तहत बैंक पॉयलट प्रोजेक्ट भी शुरू कर चुका है। ऐसे में जल्द ही ग्राहकों को यह सुविधा मिलने की उम्मीद है। इस सुविधा के जरिए ग्राहकों को नकदी जमा करने के लिए अब बैंक में जाने की जरूरत काफी कम हो जाएगी।
भारतीय स्टेट बैंक के एक वरिष्ठ अधिकारी ने अमर उजाला को बताया कि बैंक हिताची के साथ मिलकर इस प्रोजेक्ट पर काम कर रहा है। इसके तहत बैंक नकदी जमा करने वाले एटीएम विकसित कर रहा है। बैंक इसके लिए पॉयलट प्रोजेक्ट भी शुरू कर चुका है।
अधिकारी ने बताया कि बैंक कि कोशिश है कि यह सुविधा जल्द से जल्द एसबीआई के ग्राहकों को मिले। इसके जरिए ग्राहक की जमा राशि तुरंत खाते में पहुंच जाएंगी। अधिकारी के अनुसार विदेशों की तुलना में भारत में मौसम परिवर्तनशील होने की वजह से इस तरह के एटीएम विकसित करना आसान नहीं है।
इसके अलावा भारत में प्रति एटीएम ट्रांजेक्शन दुनिया के दूसरे देशों की तुलना में कहीं ज्यादा है। इन सब चुनौतियों को देखते हुए बैंक बल्क नोट एक्सेपटर मशीन विकसित कर रहा है, जिसके लिए हिताची के साथ बैंक का समझौता है। अधिकारी ने बताया बैंक इसके लिए चेक क्लीयरेंस सुविधा भी एटीएम के जरिए विकसित करने पर भी काम कर रहा है। इससे ग्राहकों के चेक का क्लीयरेंस एटीएम से ही हो सकेगा।
भारतीय स्टेट बैंक के देश भर में जून 2012 तक 14,127 शाखाएं और 22,469 एटीएम हैं। बैंक के एटीएम पर प्रति दिन औसतन 262 ट्रांजेक्शन होते हैं। देश के सबसे बड़े बैंक की इस पहल के बाद आने वाले दिनों में दूसरे बैंक भी यह सुविधा ग्राहकों को देने की तैयारी कर सकते हैं।
हाल ही में वित्त मंत्रालय ने भी सार्वजनिक बैंकों से कहा है कि वह नकदी लेने वाली मशीन को ज्यादा से ज्यादा लगाएं। निजी क्षेत्र के बैंक आईसीआईसीआई बैंक ने इस तरह की सुविधा ग्राहकों को ई-ब्रांच के जरिए देना शुरू किया है।