पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव का सियासी पारा जैसे-जैसे चढ़ रहा है, वैसे-वैसे भाजपा नेताओं की जुबान पर कांग्रेस का ‘प्रथम परिवार’ उसी रफ्तार से सुनाई देने लगा है।
ऐसा करके भाजपा देश की तमाम समस्याओं के लिए सोनिया व राहुल गांधी को कटघरे में खड़ा करना चाहती है। नरेंद्र मोदी को निशाने पर रखने वाली कांग्रेस को भाजपा सोनिया-राहुल को प्रथम परिवार बता कर करारा सियासी जवाब देना चाहती है।
दिल्ली के जापानी पार्क में ‘राहुल गांधी’ के लिए ‘शहजादा’ शब्द का इस्तेमाल कर नरेंद्र मोदी भाजपा के लिए कांग्रेस पर सियासी हमले की लाइन पहले ही तय कर चुके हैं। अब भाजपा के लगभग हर कार्यक्रम में सोनिया-राहुल को ‘प्रथम परिवार’ बताकर तीखे व्यंग्य कसे जा रहे हैं।
भारतीय जनसंघ की 63वीं जयंती हो अथवा बुधवार को दिल्ली में मुख्यमंत्री के उम्मीदवार हर्षवर्धन का कार्यक्रम, सभी जगह ‘प्रथम परिवार’ निशाने पर रहा।
वैसे तो मोदी के अलावा पार्टी के पूर्व अध्यक्ष नितिन गडकरी भी पहले से ही नेहरू-गांधी परिवार पर सीधे हमले करते रहे हैं, लेकिन पार्टी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी, पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह, लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज व राज्यसभा में विपक्ष के नेता अरुण जेटली निजी हमलों से बचते रहे हैं।
मगर सूत्रों का कहना है कि ’प्रथम परिवार’ को लेकर अब पूरी पार्टी मोदी के सुर में बोलती दिखेगी। दरअसल, कभी सोनिया गांधी के विदेशी मूल का मुद्दा उठाने वाली भाजपा का विदेशी मूल का मुद्दा पहले ही धराशायी हो चुका है, इसलिए सोनिया-राहुल पर निशाना साधने की रणनीति बदली जा रही है।
भाजपा के एक नेता के मुताबिक सभी जानते हैं कि कांग्रेस सभी अच्छी बातों का श्रेय सोनिया व राहुल को देती है। तो विफलताओं का ठीकरा मनमोहन सरकार पर फोड़ देती है, इसलिए पार्टी का तर्क है कि जब कामयाबी का सेहरा इनके सिर बांधा जाता है तो फिर तमाम नाकामियों के लिए भी यही परिवार जिम्मेदार है और इसी बात को वह जनता तक पहुंचाना चाहती है।
भाजपा मानती है कि भले ही विधिवत ऐलान न हुआ हो लेकिन लोकसभा के चुनाव के लिए राहुल ही कांग्रेस का चेहरा हैं। इसलिए भाजपा के लगभग सभी नेता अब चुनाव प्रचार के दौरान ‘प्रथम परिवार’ पर निशाना साधते मिलेंगे।