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अब यूपीए के खिलाफ जनता के दरबार में चली भाजपा

Sat, 29 Sep 2012 01:37 AM IST
सूरजकुंड/हरीश लखेड़ा
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भ्रष्टाचार, महंगाई और रिटेल में एफडीआई के मुद्दे पर यूपीए सरकार के खिलाफ जमकर बरसने के बाद भाजपा अब जनता के दरबार में जाएगी। राष्ट्रीय कार्यकारिणी व राष्ट्रीय परिषद के यहां तीन दिन के मंथन के बाद भाजपा ने कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार को उखाड़ फेंकने का संकल्प लिया है।
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इस तीन दिनी बैठक के साथ ही भाजपा अब आगामी चुनाव की तैयारी में भी जुट गई है। सरकार के खिलाफ ताल ठोकते हुए जनता दरबार में भाजपा एक ओर यूपीए सरकार के कारनामों का जिक्र करेगी, तो दूसरी ओर अटल बिहारी सरकार व अपने मौजूदा मुख्यमंत्रियों की उपलब्धियों का बखान करेगी।

मंगलसेन सभागार में पार्टी नेताओं-कार्यकर्ताओं को यूपीए सरकार को परास्त करने का संकल्प दिलाने से पहले वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी ने कहा कि जनता परिवर्तन के लिए आतुर है, वह 1975 की तरह सरकार के खिलाफ भारी गुस्से में है। आडवाणी ने कहा कि यदि हम ठीक रह कर विश्वसनीय विकल्प पेश कर दें और जनता के इस गुस्से को भाजपा व सहयोगी दलों के पक्ष में कर सकें, तो हमें 1999 से बड़ी जीत मिलेगी।
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उन्होंने पार्टी नेताओं को नसीहत दी कि एक ही सुर में बोलें। उन्होंने कहा कि जहां भी पार्टी शासन में है वहां भ्रष्टाचार नहीं होना चाहिए। भाजपा एक साधारण दल नहीं बल्कि एक  बड़े आंदोलन की परिणति है। आडवाणी ने लोकसभा चुनाव के लिए उम्मीदवार तय करने की प्रक्रिया शुरू करने की सलाह देते हुए कहा कि यूपीए सरकार आईसीयू में हैं और यह 2014 तक नहीं चलेगी।

केंद्र सरकार के खिलाफ देश भर में बन रहे माहौल से उत्साहित भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी तो यहां तक कह गए कि देश की सत्ता अब हमारे हाथों में आने वाली है। इससे पहले परिषद में पारित राजनीतिक प्रस्ताव में कहा गया कि महंगाई, भ्रष्टाचार, कुशासन, नेतृत्व की कमी के चलते यूपीए सरकार शासन करने का जनादेश खो चुकी है। इसे अब सत्ता में बने रहने का अधिकार नहीं है। भाजपा राष्ट्रहित के लिए अपने को दोबारा समर्पित करती है।

डॉ. मुरली मनोहर जोशी के पेश इस प्रस्ताव में केंद्र सरकार पर जम कर प्रहार करने के साथ ही कोल आवंटन मामले में प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग दोहराई गई। भाजपा इन तीन दिनों में केंद्र सरकार के घपलों, घोटालों, कुशासन, महंगाई पर बरसती रही। अब भाजपा 11 अक्तूबर से 20 नवंबर तक ‘कांग्रेस हटाओ, देश बचाओ’ अभियान चलाएगी। इसके अलावा जनता के बीच जाने के लिए कई अन्य कार्यक्रम भी घोषित किए गए हैं। इसके तहत अक्तूबर के पहले दिन से ही भाजपा कार्यकर्ता सड़कों पर दिखने लगेंगे।

मुसलिमों को लुभाने की भी है तैयारी
2014 के चुनावों के मद्देनजर नए साथी तलाश रही भाजपा अब मुसलिमों को भी लुभाने में जुट गई है। भाजपा ने अल्पसंख्यक समुदाय को भरोसा दिलाया है कि पार्टी धर्म के आधार पर भेदभाव का कभी समर्थन नहीं करेगी। भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी ने कहा कि कांग्रेस के खिलाफ गुस्से का एनडीए को लाभ उठाना चाहिए। उसे खुद को एनडीए प्लस में बदलना चाहिए।

आडवाणी की ओर से जारी लिखित बयान में कहा गया है कि हमें अपने संभावित सहयोगी दलों को भरोसा दिलाना होगा कि भाजपा के साथ गठजोड़ में कुछ भी गलत नहीं है। पार्टी धर्मनिरपेक्षता के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। भाजपा को अल्पसंख्यक समुदाय को यह भी भरोसा दिलाने की जरूरत है कि वह समाज के विभिन्न वर्गों के साथ के साथ किसी तरह का भेदभाव या अन्याय नहीं होने दगी। आडवाणी ने अपने बयान में इसलाम का अपमान करने वाली फिल्म की भी कड़ी आलोचना की है। आडवाणी ने कहा कि एनडीए प्लस में अन्य दलों को शामिल करने के लिए भाजपा को एक न्यूनतम साझा एजेंडा तैयार करना चाहिए।
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