नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के जरिए मोदी सरकार अब पढ़ने-पढ़ाने के नए तौर तरीकों को पेश करने की तैयारी कर रही है। प्राथमिक और माध्यमिक स्तर के स्कूलों के स्तर पर छात्रों के एप्टीट्यूड टेस्ट करवाने की तैयारी है।
मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति से जुड़े दस्तावेजों में कहा है कि अगर छात्रों के एप्टीट्यूड टेस्ट करवाए जाए तो छात्रों की रुचि और दिलचस्पी का पता लगेगा और उन्हें आगे चलकर अपनी पसंद और क्षमता के मुताबिक का कोर्स लेने में आसानी होगी।
इन टेस्ट में पास करने वाले छात्रों को बाकायदा प्रमाण पत्र देने की भी बात है।