नरेंद्र मोदी के सहारे लोकसभा चुनाव की वैतरणी पार करने की कोशिश में जुटी भाजपा इस चुनावी महासमर में राहुल गांधी की बजाए प्रियंका वाड्रा को चुनौती मान रही है।
भाजपा को आशंका है कि डूबती नैया को पार लगाने के लिए कांग्रेस अब प्रियंका कार्ड खेल सकती है। कांग्रेस ने मोदी की काट के लिए यदि प्रियंका को बतौर स्टार प्रचारक के तौर पर आगे कर लिया तो भाजपा के लिए मुश्किल हो सकती है।
कांग्रेस ने आगामी चुनाव के लिए चूंकि प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार को लेकर अपने पत्ते नहीं खोले हैं। वह चुनाव को मोदी बनाम राहुल होने से भी बच रही है।
जबकि भाजपा चाहती है कि चुनाव मोदी बनाम राहुल हो जाए। लेकिन कांग्रेस की चुप्पी के चलते भाजपा इस बात से आशंकित है कि कहीं वह अब प्रियंका कार्ड न खेल दे।
अभी तक प्रियंका उत्तर प्रदेश में रायबरेली-अमेठी तक सीमित रही है, लेकिन भाजपा मानने लगी है कि कांग्रेस प्रियंका को भले ही सीधे सियासी मैदान में न उतारे मगर चुनाव जीतने के लिए उन्हें स्टार प्रचारक के तौर पर पेश कर सकती है।
सूत्रों के अनुसार भाजपा में प्रियंका की इस संभावित भूमिका और उसकी काट के लिए रणनीति पर अनौपचारिक तौर पर चर्चा शुरू हो चुकी है। पार्टी का मानना है कि यदि प्रियंका किसी भी रूप में चुनाव मैदान में आती है तो पार्टी के लिए बड़ी चुनौती होगी।
लोकसभा की 543 सीटों में से 272 प्लस लाने के लक्ष्य पर चल रही भाजपा के लिए कांग्रेस ने खाद्य सुरक्षा बिल और नगद सब्सिडी योजना लाकर पहले ही परेशानी खड़ी कर दी है।
भाजपा भी मानने लगी है कि खाद्य बिल को राजीव गांधी का नाम देने के साथ ही कांग्रेस इसे बड़ी उपलब्धि के तौर पर पेश करेगी। जबकि नगद सब्सिडी योजना पर अमल में तेजी आने पर कांग्रेस के खिलाफ लोगों की नाराजगी कम होती चली जाएगी।
ऐसे में प्रियंका के आगे आ जाने पर भाजपा की चुनावी राह और चुनौती पूर्ण हो जाएगी। इसलिए पार्टी में इस सभी पहलुओं पर भी मंथन शुरू हो गया है।