जनता दल (यूनाइटेड) के अध्यक्ष शरद यादव ने माना है कि उनकी पार्टी का भाजपा के साथ कुछ मुद्दों पर राय अलग है। उन्होंने साफ किया कि उन्हें किसी व्यक्ति विशेष से मतलब नहीं है। पार्टी अपने उसूलों से कभी समझौता नहीं करेगी।
वहीं जदयू के राजनीतिक प्रस्ताव में कहा गया है कि साल 2013 के अंत तक भाजपा प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार की घोषणा कर दे। पीएम पद का प्रत्याशी ऐसा होना चाहिए जो सभी को स्वीकार्य हो।
धर्मनिरपेक्ष हो पीएम पद का प्रत्याशी
प्रस्ताव के मुताबिक प्रत्याशी की छवि धर्मनिरपेक्ष होनी चाहिए। एनडीए में शुरू से ही प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार घोषित करने की परंपरा रही है। इस परंपरा का अभी भी पालन होनी चाहिए।
शरद ने पार्टी नेताओं को मीडिया में बेवजह बयान देने पर सतर्क रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि शनिवार को कुछ ऐसे खबरें आई कि नीतीश और मुझे प्रधानमंत्री पद के भाजपा उम्मीदवार पर आपत्ति है। ये खबरें बेबुनियाद है।
साबिर अली को फटकार लगाई
यादव ने कहा कि पार्टी ने हमेशा सिद्धांतों को वरीयता दी है। नरेंद्र मोदी को लेकर बयान देने वाले पार्टी नेता साबिर अली को उन्होंने जमकर फटकार लगाई।
भाजपा नेताओं से आत्मीय संबंध
पार्टी कार्यकारिणी की बैठक में तीसरी बार अध्यक्ष निर्वाचित होने के बाद शरद ने कहा कि जनता दल यूनाइटेड पिछले 17 साल से भाजपा के साथ है।
इस दौरान कई बार हमारे विचारों को लेकर मतभेद रहे पर हमने उसे कभी जगजाहिर नहीं किया। अटल विहारी वाजपेयी और लालकृष्ण आडवाणी जैसे भाजपा के वरिष्ठ नेताओं से हमारी बेहद आत्मीय संबंध रहे हैं।
उन्होंने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कामकाज की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि जेडीयू साधुओं की जमात नहीं है। नीतीश ने पहली बार समाजवादी कार्यक्रम को जमीन पर दिखाया, जिसके लिए वे बधाई के पात्र हैं।