अभिनेता संजय दत्त के खिलाफ अंधेरी की मेट्रोपोलिटन कोर्ट ने अपने एक आदेश की अवमानना करने पर सोमवार को गैर जमानती वारंट जारी किया। बाद में संजय दत्त अपने वकील के साथ कोर्ट में पेश हुए और उन्हें जमानत मिल गई।
कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 3 मई तय की है। फिल्म निर्माता शकील नूरानी को धमकाने के मामले में गैर जमानती वारंट जारी किया गया था।
नूरानी ने याचिका में कहा था कि संजय के इशारे पर उन्हें अंडरवर्ल्ड की ओर धमकी भरे कॉल आ रहे हैं। नूरानी ने इससे पहले इंडियन मोशन पिक्चर प्रोड्यूसर एसोसिएशन से भी संजय दत्त की शिकायत की थी।
इसके बाद एसोसिएशन ने संजय दत्त से कहा था कि वह नूरानी को दो करोड़ रुपये दें। लेकिन अभिनेता ने आदेश मानने से इनकार कर दिया था।
2002 में नूरानी ने संजय दत्त को लेकर जान की बाजी फिल्म बनानी शुरू की लेकिन उन्होंने बीच में ही फिल्म छोड़ दी। इसके साथ ही संजय दत्त ने नूरानी के 50 लाख रुपये देने से भी इनकार कर दिया, जो उन्हें फिल्म के एवज में एडवांस दिया गया था।
एसोसिएशन का आदेश नहीं मानने के बाद नूरानी ने बांबे हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। हाई कोर्ट ने संजय की दो संपत्तियों को जब्त करने के आदेश दिए।
नूरानी ने कहा कि हाई कोर्ट के ऐसे आदेश के बाद उनके पास दुबई और करांची से धमकी भरे फोन कॉल आ रहे हैं। दत्त के वकील ने आरोप को खारिज करते हुए कहा है कि संजय ने किसी तरह की कॉल नहीं करवाई। उलटे नूरानी स्वयं पाकिस्तान जाकर इस तरह के कॉल अपने आपको करवाते रहे हैं।