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मोदी को मठ में बुलाने से नाराज हुए वामपंथी

Mon, 22 Apr 2013 06:40 PM IST
तिरुवनंतपुरम/एजेंसी
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गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करने पर केरल के श्रम मंत्री शीबू बेबी जॉन की आलोचना करने वाले वामपंथियों ने अब मोदी को बुलाने के लिए वरकाला के श्री नारायण मठ को भी खरी खोटी सुनाई है।
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मठ ने 24 अप्रैल के अपने मूर्ती स्थापना समारोह में मोदी को बतौर मुख्य अतिथि बुलाया है। मठ प्रशासन ने इस तरह की आलोचना को खारिज करते हुए कहा है कि आश्रम का दरवाजा सभी के लिए खुला है।

वयोवृद्ध वामपंथी वीएस अच्युतानंदन ने पहले ही मोदी के शामिल होने की खबर के बीच समारोह से अपने आपको दूर कर लिया है।

माकपा के राज्य सचिव पिनाराई विजयन ने मोदी का स्वागत करने के लिए मठ को आड़े हाथ लिया। उन्होंने कहा कि संन्यासियों को मोदी को उस आध्यात्मिक केंद्र में नहीं बुलाना चाहिए, जिसकी स्थापना एक जाति, एक धर्म और एक ईश्वर का संदेश देने वाले संत समाज सुधारक श्री नारायण गुरु ने की थी।
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पथानामथित्ता में एक बैठक में विजयन ने कहा कि मठ में मोदी के आने से उसकी आध्यात्मिक छवि पर असर पड़ेगा। वह हिंदू मठ बनकर रह जाएगा।

इधर मठ प्रशासन ने इस तरह की आलोचना को खारिज करते हुए कहा है कि आश्रम का दरवाजा सभी के लिए खुला है। मोदी के आने को लेकर उठाए जा रहे सवाल अनावश्यक हैं।

मठ के स्वामी ऋतंभरानंद ने कहा कि मठ राजनीति से अलग है। यहां सबका स्वागत करने की परंपरा रही है। श्री नारायण धर्म संगठन के अध्यक्ष ऋतंभरानंद ने कहा कि मठ ने यूपीए की अध्यक्ष सोनिया गांधी और कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी को भी बुलाया था लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया।

राज्य की राजधानी से 30 किलोमीटर दूर स्थित यह मठ श्री नारायण के भक्तों के लिए धार्मिक और आध्यात्मिक स्थल है। मठ 24 अप्रैल को अपनी विद्यादेवता मूर्ती के स्थापित होने के 100 साल पूरे होने पर एक समारोह का आयोजन कर रहा है।
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