फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (एफटीआईआई) में गजेन्द्र चौहान को गवर्निंग काउंसिल का अध्यक्ष बनाए जाने को लेकर विवाद शुरु हो गया है। गजेन्द्र चौहान भाजपा के सदस्य हैं और उन्होंने बीआर चोपड़ा के महाभारत में युधिष्ठिर का किरदार निभाया था।
चौहान की नियुक्ति के विरोध में एफटीआईआई पुणे के छात्र अनिश्चित कालीन धरने पर बैठ गए हैं। इस नियुक्ति को फिल्मकार जाहनु बरुआ ने चिन्ताजनक बताया है।
एफटीआईआई के चेयरमैन पद के लिए गीत कार गुलजार, श्याम बेनेगल और अडूर गोपालकृष्णन का नाम भी चर्चा में था लेकिन इन सभी नामों को दरकिनार करते हुए 9 जून को चौहान नियुक्त कर दिए गए।
क्लासेज का किया बायकॉट
गजेंद्र चौहान की नियुक्ति के बाद एफटीआईआई के छात्रों ने अपनी सारी क्लासेज का बायकॉट कर दिया और कैंपस में नारे बाजी शुरु कर दी। उनका कहना है कि अध्यक्ष पद के नियुक्ति की प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए और दबाव मुक्त भी।
छात्रों ने कैंपस की दीवारों को नारों और पेंटिंग्स से भर दिया है। एक दीवार पर लिखा हुआ था ' गजेन्द्र इस्तीफा दो और जाओ, धर्म राज युधिष्ठिर नहीं चाहिए', राजनीति और एफटीआईआई साथ-साथ नहीं चलेगी'।
विरोध करने वाले छात्रों के नेता हरिकृष्ण नचिमथु ने कहा कि अगर सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय इस नियुक्ति को वापस नहीं लेगा तो विरोध और भी तेज होगा।
चौहान ने कहा मेरी योग्यता देखें
छात्रों का कहना कि यह पद केवल माननीय बनने के लिए नहीं बल्कि इसके लिए एकेडमिक क्षेत्र का भी होना चाहिए और चौहान का फिल्म मेकिंग से कोई नाता नहीं है। इनकी नियुक्ति केवल इसलिए की गई है क्योंकि वो दल विशेष से जुड़े हुए हैं।
छात्रनेता नचिमथु ने ये भी कहा कि हमारा गजेन्द्र चौहान से कोई निजी लड़ाई नहीं है लेकिन हमें ऐसा अध्यक्ष चाहिए जो फिल्म मेकिंग और उसके आर्ट से जुड़ा हुआ हो।
वहीं गजेन्द्र चौहान का कहना है कि उन्हें विरोध के बारे में जानकारी सोशल मीडिया से मिली है कि उनकी नियुक्ति का विरोध किया जा रहा है। चौहान ने कहा कि मुझे पिछले 34 साल से फिल्मों की दुनिया में हूं।
लोगों को मेरी नियुक्ति के पीछे केवल राजनीति नहीं देखनी चाहिए और कोई भी किसी की नियुक्ति की बिना योग्यता के नहीं करता।