संसद सत्र में जारी गतिरोध के बीच 'नो वर्क, नो पे' मुद्दे ने तूल पकड़ लिया है। केंद्रीय मंत्री महेश शर्मा ने मांग उठायी थी कि जितने दिन संसद का कार्य बाधित रहता है उतने दिन सांसदों के वेतन में कटौती की जानी चाहिए।
उनका तर्क था कि अगर मजदूर एक दिन काम नहीं करता है तो उस दिन उसे वेतन नहीं मिलता,उसी तरह सांसद अगर काम नहीं करते तो उन्हें भी नहीं मिलना चाहिए।
इस पर समाजवादी पार्टी सांसद नरेश अग्रवाल भड़क गए और कहनें लगे कि हम कर्मचारी नहीं हैं। जो वेतन की कटौती की जाए।