जदयू ने बृहस्पतिवार को साफ कर दिया कि बिहार को विशेष राज्य का दर्जा मिलने पर भी यूपीए सरकार को समर्थन देने का उसका कोई इरादा नहीं है।
जदयू प्रवक्ता और महासचिव केसी त्यागी ने यहां कहा कि इस मामले में किसी तरह के मोलभाव का सवाल ही नहीं है।
इसके साथ ही उन तमाम अटकलों पर भी विराम लग गया, जिसमें कहा जा रहा था कि अगर यूपीए सरकार बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देती है तो उसे जदयू का समर्थन हासिल हो सकता है।
केसी त्यागी ने कहा कि अगर केंद्र सरकार की ओर से बिहार को विशेष राज्य का दर्जा दिया जाता है तो इसका स्वागत किया जाएगा, लेकिन इसका यह मतलब नहीं है कि जदयू एनडीए से नाता तोड़ लेगा।
त्यागी ने कहा कि पिछड़ेपन की वजह से बिहार को यह दर्जा मिलना चाहिए। यह उसका हक है, इसलिए मोलभाव का कोई सवाल ही नहीं है।
चाहे यूपीए हो या एनडीए पिछड़े राज्यों को विशेष राज्य का दर्जा मिलना ही चाहिए। यह केंद्र सरकार की जिम्मेदारी है।
त्यागी के अनुसार राष्ट्रपति चुनाव जैसे कुछ अपवाद हैं जहां जदयू ने प्रणब मुखर्जी की वरिष्ठता और योग्यता की वजह से पीए संगमा के स्थान पर उनका समर्थन किया था।
मगर इसका यह मतलब नहीं है कि हम एनडीए से बाहर हो गए। उन्होंने साथ ही कहा कि अगर सरकार कुछ अच्छा काम करती है (जिसकी संभावना बहुत कम है) तो हम उसका समर्थन करेंगे।