केंद्रीय जल संसाधन मंत्री उमा भारती ने इशारों ही इशारों में व्यापम घोटाले की सीबीआई जांच कराए जाने की बात कही है। उनके इस बयान के बाद इस मामले में अब एक नया ट्विस्ट आ गया है। इसमें सबसे मजेदार बात तो यह रही कि उन्होंने विपक्ष को भी इस मुद्दे को जोर शोर से उठाने की अपील भी की। उनके इस बयान से जहां एक ओर एमपी सरकार की मुश्किलें बढ़ सकती है वहीं विपक्ष का मनोबल भी ऊंचा हो जाएगा।
पत्रकारों के सवालों का जवाब देने के दौरान उन्होंने इस घोटाले में उनका नाम शामिल किए जाने का जिक्र भी किया। उन्होंने कहा, 'जब मुझे पता चला कि मेरा नाम भी इसमें जोड़ दिया गया है मैं पूरी तरह से हैरान हो गई थी। मैंने कई दिनों तक मानसिक कष्ट का सामना किया। जाहिर सी बात है जब मेरा जैसा इनोसेंट व्यक्ति मानसिक प्रताड़ना के दौर से गुजर सकता है तो ऐसे कई लोग होंगे जो इस दौर से गुजर रहे होंगे।'
व्यापम घोटाले की CBI जांच की जरुरत नहीं: राजनाथ
आपको बता दें कि इससे पहले गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने व्यापम घोटाले में सीबीआई जांच की मांग को गैरजरूरी करार देते हुए इससे इनकार कर दिया था। उनका कहना था कि इस मामले की जांच हाई कोर्ट की निगरानी में एसआईटी कर रही है और इसमें केंद्र सरकार हस्तक्षेप नहीं करेगी। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि अगर सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट को ऐसा लगता है कि एसआईटी ठीक तरह से जांच नहीं कर रही और इस मामले में सीबीआई जांच की जरुरत है तो एमपी सरकार इसके लिए तैयार रहेगी।