प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी आदर्श गांव योजना में कैराना लोकसभा क्षेत्र के तहत चयनित गांव सुखेड़ी पर राजनीति गरमाने लगी है। कैराना के सांसद हुकुम सिंह के आदर्श गांव में एक भी मुस्लिम परिवार नहीं हैं। ऐसे में विरोधियों में आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। उधर, मुस्लिमों में भी इस बात का मलाल है। दबी जुबान में आदर्श गांव के चयन पर सवाल भी उठाए जा रहे हैं। मुस्लिम संगठन इसे मुद्दा बनाकर प्रधानमंत्री को भी पत्र भेजने की तैयारी में हैं।
सांप्रदायिकता के मुद्दे पर विरोधियों के निशाने रही भाजपा को लेकर एक बार फिर विपक्षी मुखर होने में जुट रहे हैं। कैराना सांसद के आदर्श गांव पर जिले में सियासत गरमाने लगी है। आदर्श गांव के लिए चुने गए सुखेड़ी गांव में एक भी मुसलमान नहीं है। ऐसे में विरोधी आदर्श गांव में सबका साथ, सबका विकास पर सवाल उठाने लगे हैं। दरअसल, इस गांव में 90 फीसदी आबादी सैनी समाज की है। वाल्मीकि, दलित, धीवर समाज के लोग भी गांव रहते हैं। विरोधियों का कहना है कि सांसद ने आदर्श गांव के चयन में मुस्लिम समाज की अनदेखी की गई है।
बता दें कि 15 अगस्त को लालकिले से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रत्येक सांसद को एक गांव गोद लेने को कहा था। ढाई महीने बाद आदर्श गांव के लिए चयनित सुखेड़ी को लेकर विवाद सामने आने लगा है। हालांकि भाजपा गांव के पिछड़ेपन का हवाला दे रही है, लेकिन गंगोह इलाके में कई ऐसे गांव हैं जहां बीमारियों की वजह से हर साल दर्जनों मौतें होती हैं। ऐसे में विपक्षी उन गांवों का हवाला देकर आदर्श गांव योजना पर ही सवाल उठाने में जुटे हैं।
इन गांवों की अनदेखी क्यों!
गंगोह क्षेत्र में ही कई ऐसे गांव हैं, जहां हर साल बीमारियों से मौत होना आम बात है। इसके पीछे साफ-सफाई और यमुना की नमी एक बड़ा कारण मानी जाती है। यहां कुंडा कला, कुंडा खुर्द, नया कुंडा, बेगी, बांसदेवा, नाजर, रुस्तम, बसी, मानपुर थली आदि गांवों की हालत बदतर है। इनके अलावा दौलतपुर, हलवाना, जोगीपुरा, मेनपुरा, मछरौली, मोहड़ा में भी हर साल बीमारी से मौतें होती हैं। सवाल यह है कि इन गांवों को आदर्श गांव के रूप में चयन क्यों नहीं हुआ।
क्या बोले विपक्षी
सांसद के इस चयन ने भाजपा की सांप्रदायिक सोच उजागर हुई है। आदर्श गांव के जरिए सांसद को हर वर्ग के विकास की मिसाल पेश करनी चाहिए, लेकिन गैर मुस्लिम गांव का चयन कर उन्होंने अपना संदेश दे दिया है। आदर्श गांव केवल एक समुदाय के लिए नहीं होना चाहिए।
-जगपाल सिंह गुर्जर, सपा जिलाध्यक्ष।
भाजपा जिस एजेंडे पर चल रही है। उसी आधार पर आदर्श गांव का चयन भी किया है। हमारा विरोध किसी एक गांव से नहीं है। यह मानसिकता समाज को तोड़ने वाली है। भाजपा की नीति ही मुसलमान विरोधी है।
-इमरान मसूद, पूर्व विधायक।
यह मुसलमानों का अपमान है। सांसद गैर मुस्लिम गांव को गोद लेकर क्या संदेश देना चाहते हैं। इस मुद्दे पर भाजपा के चेहरे को बेनकाब किया जाएगा। सांसद के इस चयन पर प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को पत्र भी लिखेंगे।
फैसल सलमानी, राष्ट्रीय अध्यक्ष, ऑल इंडिया जमात-ए-सलमानी।