कांग्रेस ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मधुर रिश्ते बनाने की पहल कर दी है।
पार्टी हाईकमान ने बिहार कांग्रेस को निर्देश दिए हैं कि पार्टी के चारों विधायक बुधवार को विधानसभा में पेश होने विश्वास मत के दौरान नीतीश सरकार के खिलाफ वोट नहीं डाले। चारों विधायक सदन से अनुपस्थित रहकर सरकार को फायदा पहुंचाएंगे।
एनडीए से नाता तोड़ने के बाद नीतीश कुमार पर कांग्रेस नरम होती जा रही है।
सोमवार को ही प्रधानमंत्री ने नीतीश को सेक्युलर बताकर सरकार और कांग्रेस की मंशा जाहिर कर दी थी। जबकि पार्टी भी कह चुकी है कि कांग्रेस और जदयू की विचारधारा एक समान है।
मंगलवार को बिहार प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अशोक चौधरी ने पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी और बिहार के प्रभारी महासचिव सी पी जोशी से मुलाकात की।
सूत्रों के मुताबिक चौधरी को पार्टी हाईकमान ने इस संबंध में निर्देश दे दिए हैं।
बैठक के बाद चौधरी ने कहा कि बिहार में गठबंधन के मुद्दे पर पार्टी हाईकमान को अंतिम फैसला लेना है। पार्टी का जो फैसला होगा, उसे प्रदेश कांग्रेस स्वीकार करेगी।