आखिरकार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सरकार ने मांझी कैबिनेट के उन 36 फैसलों पर रोक लगा दी है, जो मांझी ने अंतिम दिनों में लिए थे।
बुधवार को हुई कैबिनेट की बैठक में कुल 13 एजेंडों पर मुहर लगाई गई। इन एजेंडों में सबसे प्रमुख एजेंडा मुख्य सचिव का वह प्रस्ताव था, जिसमें कहा गया था कि मांझी कैबिनेट ने ऐसे 36 फैसले लिए थे, जिनमें नियमों का पालन नहीं किया गया, इसलिए इस पर रोक लगा दी जाए।
मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग के प्रधान सचिव बी प्रधान ने इसकी जानकारी दी। उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व भी नीतीश कुमार ने बरौनी थर्मल को निजी हाथों में सौंपने के फैसले को पलट कर संकेत दे दिया था कि वह मांझी के फैसलों से सहमत नहीं हैं।
बुधवार की कैबिनेट बैठक में पेट्रोल एवं डीजल पर अधिभार की दर 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत किए जाने की भी स्वीकृति दी गई। इस फैसले से राज्य में तेल के दाम बढ़ जाएंगे।