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निर्मल बाबा पर सर्विस टैक्स चोरी का आरोप

Mon, 24 Feb 2014 11:27 AM IST
नई दिल्ली/एजेंसी
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स्वयंभू आध्यात्मिक गुरु निर्मल बाबा के लिए भक्तों से मिल रहा दान मुसीबत का सबब बन गया है। निर्मल बाबा अपने भक्तों की आय का दसवां हिस्सा दान के तौर पर लेते हैं। लेकिन केंद्रीय उत्पाद शुल्क विभाग ने इसी दान को आधार बना कर उनके खिलाफ साढ़े तीन करोड़ रुपये की सर्विस टैक्स की चोरी का नोटिस जारी किया है।
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केंद्रीय उत्पाद शुल्क विभाग ने बाबा की ओर से ‘दसवंद’ वसूले जाने को आधार बनाया है। यह रकम भक्तों की आय का दसवां हिस्सा होता है। इसे बाबा की ‘सेवा’ हासिल करने का प्रवेश शुल्क माना गया है।

दरअसल निर्मल बाबा की दरबार की गतिविधियां जुलाई, 2012 के बाद से उत्पाद शुल्क विभाग की नजर में आ गई थीं। उस दौरान एक निगेटिव लिस्ट निकाली गई थी और इसके तहत कई और गतिविधियों को ‘सेवा’ के दायरे में शामिल किया गया था।
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जुलाई 2012 से अब तक बाबा पर 3.58 करोड़ रुपये का सर्विस टैक्स बकाया है। इस संबंध में निर्मल दरबार की ओर से प्रतिक्रिया हासिल करने की कोशिश नाकाम रही।

समझा जाता है कि निर्मल बाबा केंद्रीय उत्पाद शुल्क इंटेलिजेंस के महानिदेशालय (डीजीसीईआई) की ओर से किए गए इस दावे को चुनौती देने में लगे हैं। डीजीसीईआई ने भी बाबा के समागम के लिए वसूली जाने वाली फीस पर सर्विस टैक्स का दावा किया था।

निर्मल बाबा की वेबसाइट के मुताबिक समागम में शामिल होने के लिए प्रति व्यक्ति रजिस्ट्रेशन फीस 3000 रुपये (टैक्स सहित) है। जबकि बाबा के ‘शो’ में शामिल होने के लिए प्रति व्यक्ति 5000 रुपये (टैक्स सहित) लिए जाते हैं।
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