दिल्ली में चलती बस में गैंगरेप की घटना के बाद देशभर में बलात्कार मामले में दोषी को फांसी की सजा की उठती मांग के बीच विशेष सरकारी वकील उज्जवल निकम ने कहा है कि सजा-ए-मौत इस समस्या का समाधान नहीं है। उन्होंने कहा है कि रेप के दोषियों को फांसी की सजा नहीं, बल्कि लंबे समय तक कारावास की सजा सुनाई जानी चाहिए।
26/11 समेत कई अन्य चर्चित मामले में सरकारी वकील रहे निकम ने शनिवार को कहा कि दिल्ली गैंगरेप की घटना के बाद बलात्कारियों के लिए हर ओर से फांसी की सजा की मांग हो रही है, लेकिन यह उचित सजा नहीं है।
उन्होंने कहा कि बलात्कारी को मृत्युदंड देना मामले का हल नहीं है। इसमें ऐसा भी हो सकता है कि बलात्कारी उस लड़की की हत्या भी कर दे ताकि उसके खिलाफ कोई साक्ष्य नहीं मिले। इसलिए मृत्युदंड इस समस्या का समाधान नहीं है। उन्होंने कहा कि बलात्कारी को 25 वर्ष या मृत्यु पर्यंत जेल की सजा होनी चाहिए।
निकम ने कहा कि महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामलों में कार्रवाई के दौरान पुलिस को संवेदनशील होना होगा। आमतौर पर यौन उत्पीड़न के मामले में कोई गवाह नहीं होता। ऐसे में पुलिस को पीड़िता के बयान के आधार पर कार्रवाई करनी चाहिए। इस तरह के मामलों की सुनवाई और गवाह का बयान वीडियो कांफ्रेंस के जरिए दर्ज किए जाने चाहिए।