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पुलिस नहीं जानती मोदी के मंत्री का पता!

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मोदी सरकार में राजस्थान से एक मात्र मंत्री निहालचंद मेघवाल पर लगे दुष्कर्म के आरोप में पुलिस की ढिलाई पर जयपुर के अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय ने पुलिस को जमकर फटकार लगाई।
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पुलिस की ओर से मंत्री के खिलाफ जारी सम्मन अभी तक उनके पते पर नहीं पहुंचाए जा सके थे।

पुलिस के इस रवैये पर कोर्ट ने श्रीगंगानगर पुलिस अधीक्षक को मेघवाल का पता ढूंढ़ कर नई दिल्ली या रायसिंहनगर स्थित पैतृक आवास पर समन जारी कराने के निर्देश दिए है।

पुलिस को नहीं मिल रहा पता

हालांकि लोकसभा की वेबसाइट पर मंत्री निहाल चंद का पता 17  नॉर्थ एवेन्यू दिया गया है। लेकिन इस पते पर वे लोकसभा चुनावों के नतीजों के कुछ समय बाद तक ही रहे थे। इसके बाद वे सरकारी आवास 17 त्रिमूर्ति नगर चले गए थे।

कोर्ट ने आदेश दिया है कि इस मामले में जितना जल्दी हो सके निहाल चंद को समन भेजा जाए। और फिलहाल कोई पता न मिलने की स्थिति में दिल्ली में उनके पैत्रिक आवास में समन जारी करने के आदेश दिए गए हैं।

इस मामले में पीड़िता के वकील का कहना है कि निहाल चंद कोई आम इंसान नहीं है। वे मंत्री हैं। इसके अलावा मीडिया को भी इस पूरे मामले की जानकारी है। और निहाल चंद को खुद भी तो इस बात का पता होगा ही कि उनके नाम से समन जारी किया गया है। तो फिर वे गैरजिम्मादार व्यवहार क्यों कर रहे हैं? उन्हें खुद ही कोर्ट में पेश हो जाना चाहिए था।
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दुष्कर्म के आरोप

निहालचंद पर विवाहिता से दुष्कर्म का आरोप है। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश (क्रम सं. 17) पी.पी. गुप्ता ने निचली अदालत के अंतिम रिपोर्ट स्वीकार करने के फैसले के खिलाफ दायर की गई याचिका पर सुनवाई के दौरान पुलिस को ये निर्देश दिए। सुनवाई के दौरान पीडिता एवं दो अन्य आरोपी विवेकानंद एवं प्रकाश पुंज अदालत में पेश हुए।

पीडिता की ओर से अदालत में दायर याचिका में कहा गया है कि वर्ष 2010 में उसे नशीला पदार्थ खिलाकर बेहोशी की हालत में उसके साथ कई बार दुष्कर्म हुआ।

इसमें निहालचंद, पीडि़ता का पति सतिह कई आरोपी हैं। नवम्बर, 2011 में जयपुर के वैशाली नगर थाने में एफआईआर दर्ज हुई। पुलिस जांच में मामला फर्जी पाया गया और अदालत ने भी इस एफआर को अस्वीकार कर लिया था। इसी के खिलाफ अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय में यह अपील की गई है, जिसकी सुनवाई जारी है।
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