समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़ नौ राज्यों में 3126 करोड़ रुपए की लागत से 1836 टॉवर लगाए जाएंगे। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में दूर संचार सेवाओं की कमी को माओवादियों के खिलाफ लड़ाई में बड़ी मुश्किलों में से एक बताया जाता रहा है।
पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने नक्सलवाद को देश के लिए सबसे बड़ा आंतरिक खतरा बताया था।