समझौता एक्सप्रेस धमाके के दोषी स्वामी असीमानंद की जमानत के खिलाफ विरोध नहीं करने के नेशनल इंवेस्टिगेशन एजेंसी(एनआईए) के फैसले पर कई राजनीतिक पार्टियों के नेताओं ने निशाना साधा है। जहां एक ओर एसपी नेता कमाल फारूखी ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया वहीं कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने इसे संघी आतंकी होने के कारण लिया गया फैसला बताया है।
कमाल फारूखी ने असीमानंद के मामले में केंद्र सरकार के इरादे पर सवालिया निशान लगाते हुए इसे दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया और कहा कि इससे पूरी दुनिया में एक गलत संदेश जाएगा। उन्होंने कहा, 'एनडीए सरकार की वजह से एनआईए ने असीमानंद की जमानत पर नरम रवैये अपनाया। आतंकवादी केवल आतंकवादी होता है, चाहें वह मुस्लिम आतंकी हो या फिर हिंदू आतंकी।'
उन्होंने कहा कि असीमानंद, साध्वी प्रज्ञा और कर्नल पुरोहित जैसे लोगों को सरकार बचाना चाहती है। केंद्र सरकार को एनआईए की मदद से इस तरह के कदम नहीं उठाने चाहिए। उन्होंने कहा कि इन लोगों ने जान से मारने का दोष सिद्ध हुआ है इसलिए इनको फांसी पर लटकाकर दूसरे आतंकियों को एक संदेश देना चाहिए।