मायावती सरकार के ड्रीम प्रोजेक्ट रहे गोमती नगर स्थित अंबेडकर स्मारक के खाली पड़े प्रशासनिक भवन में जल्द ही नेशनल इन्वेस्टीगेशन एजेंसी (एनआईए) का क्षेत्रीय कार्यालय खुलेगा। शासन स्तर से एलडीए प्रशासन को एनआईए कार्यालय के लिए स्थान चिह्नित कर इसका विस्तृत ब्योरा भेजने को कहा गया है।
एलडीए सचिव एपी तिवारी ने बताया कि फिलहाल अंबेडकर स्मारक के प्रशासनिक भवन में एनआईए का रीजनल कार्यालय संचालित करने के लिए पर्याप्त स्थान मुहैया कराने संबंधी प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा जाएगा। इसके बाद एनआईए का लखनऊ कार्यालय स्मारक के प्रशासनिक भवन में संचालित कराने संबंधी अंतिम फैसला शासन स्तर से होगा।
राष्ट्रविरोधी व आतंकवादी घटनाओं से जुड़े मामलों की जांच-पड़ताल करने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर नेशनल इन्वेस्टीगेशन एजेंसी का गठन हुआ है। यह एजेंसी देश की बाह्य व आंतरिक सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले अराजक तत्वों की धरपकड़ करती है।
अंबेडकर स्मारक के प्रशासनिक भवन में इससे पहले एलडीए प्रशासन के प्रस्ताव पर शासन वीमेन पावर लाइन के कार्यालय की स्थापना कर चुका है। अखिलेश सरकार ने सत्ता संभालने के बाद ही पूर्ववर्ती मायावती सरकार के समय निर्मित डॉ. भीमराव अंबेडकर सामाजिक परिवर्तन स्थल में बने दो प्रशासनिक भवनों, कांशीराम ग्रीन ईको गार्डन, कांशीराम स्मारक स्थल व रमाबाई अंबेडकर रैली स्थल पर खाली पड़े वातानुकूलित प्रशासनिक भवनों को अन्य कार्यालयों के संचालन में उपयोग में लाने की कार्ययोजना तैयार कराई थी। इसके लिए मुख्य सचिव स्तर पर इन प्रशासनिक भवनों के सुपर एरिया, कारपेट एरिया व पार्किंग स्थल की क्षमता के बारे में एलडीए प्रशासन ने विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर भेजी गई थी।
एलडीए सचिव ने बताया कि स्मारक संरक्षण समिति की निगरानी वाले स्मारकों की खाली जमीन का उपयोग शासन स्तर से अन्य कार्यालयों की स्थापना के लिए किया जाना प्रस्तावित है। इसके तहत ही रमाबाई रैली स्थल में खाली पड़ी जगह को इलाहाबाद व रायबरेली रूट की रोडवेज बसों के संचालन के लिए बतौर बस स्टेशन प्रयोग में लाने का प्रस्ताव भी शासन स्तर पर लंबित है।
स्मारकों के स्वरूप से छेड़छाड़ नहीं
स्मारकों और पार्कों के जो भी प्रशासनिक भवन हैं, उनका सुपर एरिया और कारपेट एरिया प्रशासनिक कार्यालयों के संचालन के लिए पर्याप्त हैं। ये प्रशासनिक भवन स्मारकों का हिस्सा नहीं हैं। इनकी अलग बिल्डिंग हैं और इसके साथ ही पार्किंग के लिए भी पर्याप्त जगह है। पार्किंग और प्रशासनिक भवन का क्षेत्रफल 12-15 हजार वर्गफुट है जबकि एडमिनिस्ट्रेटिव ब्लॉक की मंजिलों को मिलाकर इनका विस्तार एरिया और बढ़ जाता है। इसलिए इन भवन कक्षों को प्रशासनिक कार्यालयों के बतौर इस्तेमाल करने में स्मारकों के स्वरूप से छेड़छाड़ अथवा इसमें हस्तक्षेप जैसे आरोप से भी प्रशासन आसानी से बच सकता है।